महाभारत (खंड ६) - अनुशासन, आश्वमेधिक, आश्रमवासिक, मौसल, महाप्रस्थानिक, स्वर्गारोहण व हरिवंश पर्व
Mahabharata (Vol 6) - Anushasana to Harivamsa Parva
महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंइन्द्र! चेतन और अचेतन आदि समस्त पदार्थोंमें 'यह ऐसा है' इस प्रकारका जो लक्षण देखा जाता है, वह सब अव्यक्त, मुक्तकेश एवं सर्वव्यापी महादेवजीके ही प्रभावसे प्रकट है; अतएव सब कुछ महेश्वरसे ही उत्पन्न हुआ है—ऐसा समझो ॥ २१० ॥
भुवाद्येषु महान्तेषु लोकालोकान्तरेषु च । द्वीपस्थानेषु मेरोश्च विभवेष्वन्तरेषु च ॥ २११ ॥ भगवन् मघवन् देवं वदन्ते तत्त्वदर्शिनः ।
भगवान् देवराज! भूलोकसे लेकर महर्लोकतक समस्त लोक-लोकान्तरोंमें, पर्वतके मध्यभागमें, सम्पूर्ण द्वीपस्थानोंमें, मेरु पर्वतके वैभवपूर्ण प्रान्तोंमें सर्वत्र ही तत्त्वदर्शी पुरुष महादेवजीकी स्थिति बताते हैं ॥ २११ १/२ ॥
यदि देवाः सुराः शक्र पश्यन्त्यन्यां भवाद् गतिम् ॥ २१२ ॥ किं न गच्छन्ति शरणं मर्दिताश्चासुरैः सुराः ।
शक्र! यदि तेजस्वी देवगण महादेवजीके सिवा दूसरा कोई सहारा देखते हैं तो असुरोंद्वारा कुचले जानेपर वे उसीकी शरणमें क्यों नहीं जाते हैं? ॥ २१२ १/२ ॥
अभिघातेषु देवानां सयक्षोरगरक्षसाम् ॥ २१३ ॥ परस्परविनाशेषु स्वस्थानैश्वर्यदो भवः ।
देवता, यक्ष, नाग और राक्षस—इनमें जब संघर्ष होता और परस्पर एक-दूसरेसे विनाशका अवसर उपस्थित होता है तब उन्हें अपने स्थान और ऐश्वर्यकी प्राप्ति करानेवाले भगवान् शिव ही हैं ॥ २१३ १/२ ॥
अन्धकस्याथ शुक्रस्य दुन्दुभेर्महिषस्य च ॥ २१४ ॥ यक्षेन्द्रबलरक्षःसु निवातकवचेषु च । वरदानावघाताय ब्रूहि कोऽन्यो महेश्वरात् ॥ २१५ ॥
बताओ तो सही, अन्धकको, शुक्रको, दुन्दुभिको, महिषको, यक्षराज कुबेरकी सेनाके राक्षसोंको तथा निवातकवच नामक दानवोंको वरदान देने और उनका विनाश करनेमें भगवान् महेश्वरको छोड़कर दूसरा कौन समर्थ है? ॥ २१४-२१५ ॥
सुरासुरगुरोर्वक्त्रे कस्य रेत: पुरा हुतम् । कस्य वान्यस्य रेतस्तद् येन हैमो गिरिः कृतः ॥ २१६ ॥
पूर्वकालमें महादेवजीके सिवा दूसरे किस देवताके वीर्यकी देवासुरगुरु अग्निके मुखमें आहुति दी गयी थी? जिसके द्वारा सुवर्णमय मेरुगिरिका निर्माण हुआ, वह भगवान् शिवके सिवा और किस देवताका वीर्य था? ॥ २१६ ॥
दिग्वासाः कीर्त्यते कोऽन्यो लोके कश्चोध्वरेतसः । कस्य चार्धे स्थिता कान्ता अनङ्गः केन निर्जितः ॥ २१७ ॥
दूसरा कौन दिगम्बर कहलाता है? संसारमें दूसरा कौन ऊर्ध्वरेता है? किसके आधे शरीरमें धर्मपत्नी स्थित रहती है तथा किसने कामदेवको परास्त किया है? ॥