भारतकोश
मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

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वियोगाभिव्यक्ति' ४५ २७ रमैया बिन नीद न आवै । नीद न आवै बिरह सतावै, प्रेम की आँच दुलावै । बिन पिया जोत मदिर अधियारो, दीपक दाय१ न आवै । पिया बिन मेरी सेज अलूणी, जागत रैण बिहावै । पिया कब रे घर आवै । दादुर मोर पपीहरा बोले, कोसल सबद सुणावै । घुमट घटा ऊलर होई आई, दामिन दमक डरावै । नैना झर लावै । कहा करु कित जाऊ मोरी सजनी, वेदण कूण बुतावै२ । बिरह नागण मोरी काया डसी है, लहर लहर जिव जावै । जडी घस लावै । को है सखी सहेली सजनी, पिय कूँ आण मिलावै । मीराँ के प्रभु कब रे मिलोगे मन मोहन मोहि भावै । कबै हस कर बतलावै३ । ॥५५॥ २८ साजन, म्हारी सेजडली कद आवै हो । हसि हसि बात करु हिडदा की, जब जिवड़ो जक४ पावै हो । पाचू इन्द्री बस नही मोरी, घन ज्यूँ धीर धरावै हो । कठिन विरह की पीड गुँसाई, मिलि करि तपत बुझावै हो । या अरदास५ सुणो हरि मोरी, विरहणी पल्लो बिछावै६ हो । ॥५६॥ १ पसन्द, २ बन्द कर देना, मिटा देना, ३ बात करे। ४ चैन, ५ अर्ज, प्रार्थना, ६ "पल्लो बिछावै"-दैन्य स्वीकार करना ।