भारतकोश
मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

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२३० मीराँ-बृहद्-पद-संग्रह 'बाला हाथ जोडी ने करा बीनती रे, म्हारो अबला को कह्‌योड़ो १ जादू मानजो रे। मीराँ मेडतणी रा म्हैला उभयिया रे, मै तो रीझ्या रीझ्या साधूङा री साथ मे रे ॥३८८॥† यह पद राजस्थानी लोक गीतों की लय पर ही है। श्री सूर्यकरण जी चतुर्वेदी जी के अनुसार भी इसकी प्रामाणिकता संदिग्ध है। ३ रुक्मणी री लाज राखो, राखोला म्हांराजी। आजि रुक्मण की लाज राखो। माता के मै र्घणि पियारी, नाही दोष पिता को। रुकभइयौ सिसुपाल बुलायो, नही मुख देखूँ वाको। थाका बिडद कूँ लोग हसैगो, जीव जावेगी म्हाको। मेरा स्याम कूँ कृष्न बतावै, नारद मूनीयो भाषो। मीराँ कहे यूँ रुक्मणी कहत है, ऊँच नीच मति राखो। ॥३८९॥† ४ माधो जी, आया ही सरैगो, राणी रुक्मण का भरतार। लिखी पतिया द्विज हाथ पठावो, द्वारका ने गमन करैगी। बडे बडे भूल महाबल जोधा, कुण से कोण घटैगी। यो सिसपाल चंदेरी को राजा, कूडी साँख भरैगी। मीराँ कहै यूँ रुक्मणी कहत है, योको ही बिड़द लजैगी। ॥३९०॥† १ कहा हुआ।