भारतकोश
मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

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वैष्णव-प्रभाव द्योतक पद २६५ १५ मेलो ने मारगड़ो मेलीनी मावा । वाटे ने घाटे रोको साँवलिया हारे मारा पाल बडा सावा । रसिया जी सु सहोर करो छो, जीवन दो जावा । मीराँ बाई के शुभ गिरधर ना गुण, गुण तो गोविन्द नु गावा ॥४७१॥ १६ मने मेली ना जाशो भावा रे, आ व्रज मा केम वैसीए बोलारे, भेली ना जाशो। जे जोइए ते तमणे आणी आपु बोला, मीठाई मेवा खावा रे । आ बीजाँ घणा घणा तमने बाना रे करती, नहि देऊँ तमने जावा रे । कब की ठारी अरज करूँ हूँ, ऐटली¹ अरज मोरी मानो ब्रज बाबा रे । जल जमनाँ रे जल भरवाँ गयाँ ताँ वहाला, सुन्दर गयाँ ता न्हावा रे । मीराँ बाई के प्रभु गिरधर ना गुण वहाला, शाम लिओ चित्र थे मनावा रे । ॥४७२॥† १७ जल भरवा के म जाऊँ, कानो मारी केडे² पड़्यो रे । साव सोनानु घाट घड़ुला वाला, उठानिए रतन जड़ाऊँ रे । मारग माँ वा'लो पानिला मागे, सहिय³ देखताँ⁴ केम⁵ पाऊँ रे । नाथ जी हमारा निरलज थई बैठा, वां'ला हुँ निरलज केम थाऊँ । बाईं मीराँ के प्रभु गिरधर ना गुण वा'ला, हरी चरणे ध्यान धराऊँ । ॥४७३॥† १८ काँनुडे कामण⁶ कीधा⁷, ओधव ने वा'ल, कानुड़े कॉमण कीधॉ । वृन्दावन माँ धेनु चरावे वा'लो, मोरलीए मनड़ा गोपी बिर्धा । जल जमनाँ भरवाँ ने गयाँ ताँ, ताँ पालव पकड़ी मन लीधॉ । १ इतना, २ पीछे, ३ सखियो के, ४ देखते हुये, ५ कैसे, ६ सम्मोहन, जादू, ७ किया ।