भारतकोश
मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

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२७६ मीराँ-वृहद्-पद-संग्रह हाथ को हीरो खोय दियो है, खोटी लाल सटे । चन्द्रसखी भज बालकृष्ण छबि, लीनी है सीस सटे । उपर्युक्त पदो के साम्य को देखते हुए चन्द्रसखी का ही यह पद कुछ हेर फेर के साथ मीराँ के नाम पर भी चल पडा हो, ऐसा असम्भव नही प्रतीत होता । २ आली ! म्हाने लागे वृन्दावन नीको । घर घर तुलसी ठाकुर पूजा, दरसण गोविन्द जी को । निरमल नीर बहुत जमुना मे भोजन दूध दही को । रतन सिघासन आप विराजै, मुगट धर्यो तुलसी को । कुजन कुजन फिरत राधिका, सबद सुनत मुरली को । मीराँ के प्रभु गिरिधर नागर, भजन बिना नर फीको ॥४९७॥ ३ उधो ! म्हांने लागे वृन्दावन नीको रे । वृन्दावन मे धेनु बोहोत है, भोजन दूध दही को । मोर मुकुट पीताम्बर सोहै, सिर केसर को टीको । घर घर मे तुलसी को बिड़लौ, दरसण माधवजी को रे । मीराँ के प्रभु गिरिधर नागर, हरी बिना सब फीको रे ॥४९८॥ उपर्युक्त दोनो पदो का गहरा साम्य विचारणीय है। बहुत सम्भव है कि ये दो स्वतन्त्र पद न होकर एक ही पद के गेय रूपान्तर हो ।