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मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

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२ (१) अब नाहिं माना लाँ म्हे थारी २० (२) अब तो नही म्हे थौरी म्होंने " २० अरे राणा पहली क्यो न बरजी २० २१ २१ राणा जी म्होंने या बदनामी लागे मीठी २१ " (१) याही बदनामी मीठी ह्वै, राणा जी २२ (२) राणा जी, म्होंने याही बदनामी मीठी " (३) राणा जी, मुझे यह बदनामी लगे मीठी " (४) राणा जी, म्हॉने या बदनामी लागे मीठी " (५) राणा जी म्हांने या बदनामी लागे मीठी २३ २२ माई ! म्होंने साधाँ रो इकत्यार है २२ " मिश्रित भाषाओं मे प्राप्त पद १ राणा जी अब न रहूँगी तोरी हटकी २३ २४ (१) अब न रहूँगी अटकी, मन लाग्यो गिरधर से " (२) अब ना रहूँगी स्याम अटकी २५ (३) अब न रहूँगी अटकी " (४) मेरो मन लाग्यो हरि जूं सूं, अब न रहूँगी अटकी २६ (५) रूप देख अटकी, तेरो रूप देख अटकी " (६) माई ! मै तो गोविन्द सो अटकी २७ व्रजभाषा में प्राप्त पद १ बरजी मै काहू की नाहि रहूँ . २४ " २ बरजी नाही रहूँगी, म्हाँरो स्याम सुंदर भरतार २५ २८ ३ काहू की मै बरजी नाही रहूँ . २६ " (१) मेरो मन लाग्यो सखी साँवलिया सो " ४ नैना लोभी रे बहुरि सके नहि आय २७ २९ ५ नयन लागे तब घूंघट कैसो २८ ३० वियोगाभिव्यक्ति राजस्थानी मे प्राप्त पद १. छोड मत जाज्यो जी महाराज २९ ३१ २ प्रभुजी थे कहाँ गया नेहडी लगाय ३० " (१) पिया ते कहाँ गयो नेहरा लगाय " ३. हो जी हरि कित गये नेह लगाय ३१ ३२ (१) कितहँ गये नेह लगाय