भारतकोश
मीमांसा दर्शन / पूर्वमीमांसा (शाबर भाष्य सहित)

मीमांसा दर्शन / पूर्वमीमांसा (शाबर भाष्य सहित)

Purva Mimamsa Darshan with Shabara Bhashya

महर्षि जैमिनि / शाबर स्वामी द्वारा

स्रोत: तारा प्रिंटिंग वाराणसी · तारा प्रिंटिंग वाराणसी · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished804 पृष्ठ

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[ २८ ] समाधान में अनवरत योगदान किया है । अतः मैं इनके प्रति कृतज्ञता वहन करता हूँ, पूज्यपाद डॉ० एस० बागची का निर्देशन ही इन शास्त्रीय गवेषणा का एकमात्र सम्बल है । आचार्य प्रवर विद्यामार्तण्ड श्रीबदरीनाथ शुक्ल का आशीर्वाद ही मेरे इस कठिन कार्य के लिए सदा सेतु का काम करता है । पण्डितप्रवर सतकारी मुखर्जी का आशीर्वाद ही इस कृति का उपादान है । श्री प्रेमशङ्कर शर्मा एम० ए० एवं आजाद चन्द्रशेखर चौरसिया ने इसके श्लोक सूची आदि में अतिशय सहयोग प्रदान किया है अतः वे धन्यवाद के पात्र हैं । स्व० भूतनाथ सहतीर्थ का मीमांसादर्शन से इस ग्रन्थ लेखन में सहयोग रहा है, अतः उनका मैं कृतज्ञ हूँ। अन्य जिन आचार्यों की कृतियों से मुझे सहयोग प्राप्त हुआ है उन सभी का मैं आभारी हूँ । इस ग्रन्थ के लेखन एवं सम्पादन में श्रीमती कुसुमलता गोस्वामी का धैर्य एवं सहयोग अविस्मरणीय है । तारा प्रकाशन के अधिकारी उत्साहसम्पन्न विद्याप्रेमी श्री रमाशङ्कर पाण्ड्या एवं उदीयमान विद्याप्रेमी रविशङ्कर पाण्ड्या के उत्साह एवं कार्य दक्षता की प्रशंसा के साथ उन्हें ईश्वर इनके कार्यों में अतिशय साफल्य प्रदान करे इस आशा के साथ मैं प्रथम भाग को विद्वज्जनों के सम्मुख उपस्थापित कर रहा हूँ। यदि पाण्ड्या जी की प्रेरणा से बाध्य न होता तो इस जटिलतम कार्य का भार वाहन नहीं करता । पद्मविभूषण पट्टाभिराम शास्त्री जी ने अपनी प्रस्तावना के द्वारा इस ग्रन्थ में वैशिष्ट्याधान किया है। अतः मैं उनकी कृतज्ञता वहन करता हूँ । —महाप्रभुलाल गोस्वामी ।