भारतकोश
मीमांसा दर्शन / पूर्वमीमांसा (शाबर भाष्य सहित)

मीमांसा दर्शन / पूर्वमीमांसा (शाबर भाष्य सहित)

Purva Mimamsa Darshan with Shabara Bhashya

महर्षि जैमिनि / शाबर स्वामी द्वारा

स्रोत: तारा प्रिंटिंग वाराणसी · तारा प्रिंटिंग वाराणसी · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished804 पृष्ठ

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७३२ मीमांसादर्शनम् नियमः ,, ५९१ पश्चमेन ,, ४७४ नियोगेन ,, ६२६ पठ्यमान ,, २९२ नियोज्यश्च न्या. सु. ६२ पदात् ,, ६२७ निराकाङ्क्ष ,, ५१६ पदार्था ,, ४३५ निराकरण ,, ६८० पत्रोर्ण ,, ४३६ निराधारत्व ,, २८५ पदार्थत्वेन ,, ३५८ निर्गतेष्वपि ,, ४९६ परत्रा ,, ५९४ निर्ज्ञाते ,, ५८७ परस्पर ,, ०९५ निर्वोढव्येह ,, २८४ परस्परविरुद्धत्वं ,, २८३ नेयम ,, ६२१ परस्परेण ,, ५१० नेष्टिक ,, ३२६ परस्परविरुद्धे ,, २९५ नैकस्मादपि न्या. सु. ६१४ परलोक ,, ३२९ नैतद्युक्तं ,, ६२ पराधीन ,, २८७ नैतदेव त. वा. ३७२ परोऽवधिः ,, ३२५ नैतदेवं ,, ४२३ परिमाणमपि ,, ३५८ नैतेषां ,, ४५५ परिनिष्ठित ,, ३२७ नैतत्तुल्य ,, ४९४ परिशब्दोऽपि ,, ३२२ नैराकाङ्क्ष्यात् ,, २८५ परेण ,, ४६७ नैव ,, ३६४ पशुहिंसा ,, ३६३ नैव तावच्छ्रुति ,, ३६४ पापक्षयो ,, ३२३ नैव व्रीहिभिरिष्टं ,, २८८ पारतन्त्र्या न्या. सु. २४८ नैव तावच्छ्रुतिस्मृत्योः,, ३५७ पाश्चात्य ,, ३२६ नैव म्लेच्छ ,, ५९३ पाषण्डिनां ,, ३४३ नैवा ,, ६३२ पिकादिशब्द ,, ४३५ नैवो ,, ४१९ पुनर्जात्या त. वा. ६२६ नैष न्या. सु. ३८७ पुनर्वायु ,, ६२८ नोपादेय त. वा. ३७२ पुराणन्याय न्या. सु. ३७९ न्यूना ,, ४३४ पुराणन्याय ,, ४०१ पुराणं ,, ३०० प पुराणं त. वा. ५९५ पक्ता ,, ५१० पुरुषा ,, ५०३ पक्षो योऽङ्गीकृतो त. वा. २८४ पुरुषस्य ,, २९४