भारतकोश
मीमांसा दर्शन / पूर्वमीमांसा (शाबर भाष्य सहित)

मीमांसा दर्शन / पूर्वमीमांसा (शाबर भाष्य सहित)

Purva Mimamsa Darshan with Shabara Bhashya

महर्षि जैमिनि / शाबर स्वामी द्वारा

स्रोत: तारा प्रिंटिंग वाराणसी · तारा प्रिंटिंग वाराणसी · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished804 पृष्ठ

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मीमांसादर्शनस्थश्लोकानां सूची ७३७ रथ्याकर्दम न्या. सु. ३११ लौकायतिक ,, २८४ रसवीर्यं त. वा. ४१८ लौकिकी ,, ४२४ रागद्वेषमदो ,, २८३ लौकिकेष्वेव ,, ६७७ रागद्वेष ,, ३४५ व रूढिशब्द ,, ६३१ वक्तुं त. वा. - ४७० रुद्धश्रुत्य ,, २८६-८७ वक्तव्यः ,, ६७५ रूपशब्दा ,, ६२८ वदन्ति ,, ४५९ रुध्यते ,, २८६ वरणाद ,, ३२६ वदामो ,, ४६७ ल वदामोऽत्र ,, ४३५ वर्ण ,, ५२८ लक्षणो ,, ५२३ वर्तमाना ,, ५२७ लक्षण ,, ५८६ वर्तमानाप ,, ४७४ लक्षणा ,, ५८७ वशिष्ट ,, ३६७ लक्षयेद् ,, ५१७ वस्तु ,, ६३२ लक्ष्मी न्या. सु. ३८८ वस्त्रान्तरित ,, २९३ लब्धव्यः ,, २८६ वक्ष्यत्येव ,, ४१९ लिङर्थस्य ,, ६२ वाक्य ,, ५२९ लिङ्गा त. वा. ४९३ वाक्यान्तरै ,, ३२३ लिङ्गाद्यवाच्यता न्या. सु. ६४ वाक्याधि ,, ५३० लिङ्गो त. वा. ४९४ वाक्यार्थेषु ,, ५२३ लोकः ,, ३६६ वाचकत्वा ,, ५७२ लोकवेदः ,, ५२८ वाचकत्वे ,, ६७४ लोकप्रसिद्ध ,, ५०७ वाचकै ,, ५०८ लोकादिकारणं ,, ३३० वाच्य ,, ५८१ लोकादेव ,, ५०७ वाक्यमात्रे ,, ६७५ लोकाय ,, ३४५ वाजिकत्व ,, ६२८ लोके ,, ३७२ वाधिता ,, ३२२ लोके तावत् ,, ४२२ वातमात्रेण ,, ३२८ लोके तु ,, ५१८ वासुदेवा ,, ३६९ लोके यस्य ,, ५१७ विकल्पस्या ,, ५८१ लोके हि ,, ३६५ विकल्पस्याष्ट ,, ५८७ लौकिक ,, ४१८ विकल्प ,, २८८ विकारे ,, ५१८ विगति ,, ५९५ विचार ,, ६२७ ४७

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