मृच्छकटिकम् (सटीक संस्कृत नाटक)

मृच्छकटिकम् (सटीक संस्कृत नाटक)
Mricchakatikam with Sanskrit-Hindi Commentary
महाराज शूद्रक / पं. जयशंकर लाल त्रिपाठी द्वारा
DevanagariSanskritpublished760 पृष्ठ
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( च )
शकार ५०
विदूषक ५२
शर्विलक ५५
धूता ५७
मदनिका ५८
भिक्षु ५९
मृच्छकटिक में नाट्यशास्त्रीय तत्त्व
पाँच अर्थप्रकृतियाँ ६०
कार्य की पाँच अवस्थाएँ ६१
पाँच सन्धियाँ ६२
मृच्छकटिक में रस ६३
संयोग शृङ्गार ६४
विप्रलम्भ शृङ्गार ६५
हास्य रस ६६
अलङ्कार-योजना ६७
छन्दोयोजना ६७
भाषा-शैली ६७
मृच्छकटिक की घटनाओं का स्थान ६८
मृच्छकटिक की घटनाओं का समय ६९
मृच्छकटिक-कालीन समाज-व्यवस्था
सामाजिक स्थिति ७२
राजनीतिक स्थिति ७४
धार्मिक स्थिति ७६
कला और संगीत की स्थिति ७६
उपसंहार ७७
पात्र-परिचय ८०
मृच्छकटिक
प्रथम अङ्क १
द्वितीय अङ्क १२८
तृतीय अङ्क १८१
चतुर्थ अङ्क २३२
पञ्चम अङ्क २९९