भारतकोश
मुद्राराक्षसम् (सटीक संस्कृत नाटक)

मुद्राराक्षसम् (सटीक संस्कृत नाटक)

Mudrarakshasam Natakam with Hindi Commentary

महाकवि विशाखदत्त द्वारा

DevanagariSanskritpublished488 पृष्ठ

पृष्ठ 6, कुल 488 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 6

पात्रों का परिचय

( क्रमप्रविष्ट )<br>पुरुष पात्र( क्रमप्रविष्ट )<br>पुरुष पात्र
१. सूत्रधारः — नाटक का प्रारंभ-कर्त्ता, रंगमंच का अध्यक्ष ।९. जाजलिः — मलयकेतु का कंचुकी ।
२. चाणक्यः — नायक, विष्णुगुप्त, चन्द्रगुप्त का गुरु ।१०. प्रियंवदकः — राक्षस का अनुचर ।
३. शार्ङ्गरवः — चाणक्य का शिष्य ।११. शकटदासः — राक्षस का निजी सचिव और मित्र ।
४. चरः — यमपट धारण करने वाला चाणक्य का गुप्तचर ।१२. वैहीनरिः — चन्द्रगुप्त का कंचुकी ।
५. सिद्धार्थकः — चाणक्य का गुप्तचर, राक्षस का कृत्रिम सेवक ।१३. चन्द्रगुप्तः — मौर्य वंश का प्रथम सम्राट्, चाणक्य का महाभक्त ।
६. चन्दनदासः — राक्षस का प्रिय मित्र ।१४. प्रथमवैतालिकः — चन्द्रगुप्त का अपना चारण ।
७. विराघगुप्तः — सँपेरे का वेश धारण करने वाला राक्षस का गुप्तचर ।१५. द्वितीयवैतालिकः — राक्षस द्वारा नियुक्त चारण-व्यञ्जन गुप्तचर, स्तनकलश ।
८. राक्षसः — प्रतिनायक, नन्दों का महामात्य ।१६. करभकः — राक्षस का पथिक-वेशधारी गुप्तचर ।
१७. दौवारिकः — राक्षस का द्वारपाल ।
मुद्राराक्षसम् (सटीक संस्कृत नाटक) · पृष्ठ 6, कुल 488 में से · BharatKosha