मुद्राराक्षसम् (सटीक संस्कृत नाटक)

मुद्राराक्षसम् (सटीक संस्कृत नाटक)
Mudrarakshasam Natakam with Hindi Commentary
महाकवि विशाखदत्त द्वारा
DevanagariSanskritpublished488 पृष्ठ
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पात्रों का परिचय
| ( क्रमप्रविष्ट )<br>पुरुष पात्र | ( क्रमप्रविष्ट )<br>पुरुष पात्र |
|---|---|
| १. सूत्रधारः — नाटक का प्रारंभ-कर्त्ता, रंगमंच का अध्यक्ष । | ९. जाजलिः — मलयकेतु का कंचुकी । |
| २. चाणक्यः — नायक, विष्णुगुप्त, चन्द्रगुप्त का गुरु । | १०. प्रियंवदकः — राक्षस का अनुचर । |
| ३. शार्ङ्गरवः — चाणक्य का शिष्य । | ११. शकटदासः — राक्षस का निजी सचिव और मित्र । |
| ४. चरः — यमपट धारण करने वाला चाणक्य का गुप्तचर । | १२. वैहीनरिः — चन्द्रगुप्त का कंचुकी । |
| ५. सिद्धार्थकः — चाणक्य का गुप्तचर, राक्षस का कृत्रिम सेवक । | १३. चन्द्रगुप्तः — मौर्य वंश का प्रथम सम्राट्, चाणक्य का महाभक्त । |
| ६. चन्दनदासः — राक्षस का प्रिय मित्र । | १४. प्रथमवैतालिकः — चन्द्रगुप्त का अपना चारण । |
| ७. विराघगुप्तः — सँपेरे का वेश धारण करने वाला राक्षस का गुप्तचर । | १५. द्वितीयवैतालिकः — राक्षस द्वारा नियुक्त चारण-व्यञ्जन गुप्तचर, स्तनकलश । |
| ८. राक्षसः — प्रतिनायक, नन्दों का महामात्य । | १६. करभकः — राक्षस का पथिक-वेशधारी गुप्तचर । |
| १७. दौवारिकः — राक्षस का द्वारपाल । |