मुद्राराक्षसम् (विशाखदत्त - भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हिन्दी अनुवाद)
Mudrarakshasam of Vishakhadatta Hindi
विशाखदत्त (अनुवादक: भारतेन्दु हरिश्चन्द्र) द्वारा
स्रोत: Mudrarakshas Drama translated into Hindi by Bharatendu Harishchandra (1925) (उद्गम)
पृष्ठ 164, कुल 173 में से
संदर्भ में पढ़ेंउपसहार ( अन्तर ) ख । १६७
में औसत चोरी तीस रुपये रोज से ज़ियादा नहीं सुनी जाती है । राजा जमीन की पैदावार से चौथाई लेता है ।
चन्द्रगुप्त सन् ई० के ६१ बरस पहले मरा । उस के बेटे बिन्दुसार के पास यूनानी एलची दयोमेकज (Diamachos) आया था परन्तु वायुपुराण मे उस का नाम भद्रसार और ५ भागवत मे वारिसार और मत्स्यपुराण मे शायद बृहद्रथ लिखा है । केवल विष्णुपुराण बौद्ध ग्रन्थों के साथ बिन्दुसार बतलाता है । उस के १६ रानी थी और उन से १०१ लड़के, उन मे अशोक * जो पीछे से "धर्म्मअशोक" कहलाया बहुत तेज था, उज्जैन का नाजिम था । वहा के एक सेठ × की १० लड़की देवी उस से ब्याही थी, उसा से महेन्द्र लड़का और सघमिता ' जिसे सुमित्रा भी कहते है ) लड़की हुई थी ।
* जैनियो के ग्रन्थो में इसी का नाम अशोक भी लिखा है ।
× सेठ श्रे ष्ठा का अपभ्रंश है, अर्थात् जो सब से बड़ा हो ।