भारतकोश
मुहूर्त चिन्तामणि (दैवज्ञ राम - षोडश संस्कार, यात्रा, वास्तु व गृह-प्रवेश मुहूर्त सटीक)

मुहूर्त चिन्तामणि (दैवज्ञ राम - षोडश संस्कार, यात्रा, वास्तु व गृह-प्रवेश मुहूर्त सटीक)

Muhurta Chintamani of Daivajna Rama with Commentary

दैवज्ञ राम (टीकाकार: पं. केदारदत्त जोशी) द्वारा

DevanagariHindipublished207 पृष्ठ

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( ३ ) विषय पृष्ठ | विषय पृष्ठ उक्त संज्ञाओं का प्रयोजन ... ५८ | निन्दित प्रथम रजोदर्शन ... ७५ कर्क संक्रान्ति के रविवारादि में अब्द- | प्रथम रजस्वला के स्नान का मुहूर्त ... ७५ विशोषक ... ५६ | गर्भादान का मुहूर्त ... ७६ कर्कसंक्रान्ति में अब्दविशोषकचक्र ... ५६ | गर्भाधान में लग्नबल ... ७६ संक्रान्तियों के वाहन, वस्त्र, आयुध, | सीमन्तोन्नयन मुहूर्त ... ७७ भक्ष्य और लेपन आदि का विचार ... ६० | गर्भाधान से लेकर प्रसव पर्यंत संक्रांतिवश से शुभाशुभ फल ... ६२ | महीनों के स्वामी ... ७७ संक्रान्ति के नक्षत्र से जन्म-नक्षत्रचक्र ... ६२ | पुंसवन का मुहूर्त ... ७८ सूर्यादि के बली रहते कार्य और | जातकर्म और नामकर्म का मुहूर्त ... ७८ संक्रान्ति करते हुए ग्रहों का बल ... ६३ | प्रसूता स्त्री के स्नान करने का अधिकमास और क्षय मास का निर्णय ६३ | मुहूर्त ... ७६ अथ गोचरप्रकरण | प्रथम आदि महीनों में बालक के दाँत सूर्यादि ग्रहों का शुभ व विद्ध विचार ... ६४ | निकलने का फल ... ७६ वामवेध और शुक्लपक्ष में चन्द्रमा | दोलारोहण का मुहूर्त ... ७६ का बल ... ६६ | जलपूजा का मुहूर्त ... ८१ क्रमवेध और विपरीतवेध में मतभेद ... ६७ | अन्नप्राशन का मुहूर्त ... ८१ ग्रहणनक्षत्र का फल ... ६८ | अन्नप्राशन के लिए लग्न-शुद्धि ... ८२ चन्द्रमा का विशेष शुभाशुभत्व ... ६८ | अन्नप्राशन मुहूर्त में ग्रहों का फल ... ८२ प्रकारान्तर से चन्द्रमा का शुभाशुभ फल ६६ | बालकों को भूमि में बैठाने का ग्रहों की शांति के लिए नव-रत्नों का | मुहूर्त ... ८३ धारण ... ६६ | बालक की जीविका-परीक्षा का प्रत्येक ग्रह की प्रसन्नता के लिए | मुहूर्त ... ८३ माणिक्यादि का धारण ... ७० | ताम्बूलभक्षणमुहूर्त ... ८३ ताराओं के नाम और फल ... ७० | कर्णवेध मुहूर्त ... ८३ दुष्ट तारा का परिहार ... ७१ | कर्णवेध में लग्नशुद्धि ... ८५ चन्द्रमा की अवस्था ... ७१ | मुण्डन आदि में निषिद्ध काल ... ८५ अवस्थाओं के नाम और फल ... ७२ | शुक्र और बृहस्पति की बाल्यावस्था ... ८६ ग्रहदोष की शान्ति के लिए औषध- | मतान्तर से बाल्यवृद्धावस्था ... ८६ युक्त जल से स्नान ... ७२ | चूड़ाकर्म का मुहूर्त ... ८७ ग्रह गन्तव्य राशि का फल कितने | जिसकी माता गर्भवती हो उसके दिन पहले देने लगते हैं ... ७३ | मुण्डन का मुहूर्त ... ८७ दुष्ट योगादि की शांति के लिए दान ... ७३ | तारा-दोष का अपवाद ... ८८ राश्यन्तर में गये हुए ग्रहों के फल देने | मुण्डन आदि कार्यों में निषिद्ध काल ... ८८ का काल ... ७३ | साधारण क्षौर आदि का मुहूर्त और संस्कारप्रकरण | निषेध ... ८६ प्रथम रजोदर्शन में उत्तम, मध्यम, | निमित्तवश क्षौरकर्म ... ८६ निकृष्ट नक्षत्र ... ७४ | क्षौरकर्म में राजाओं के लिए विशेष ... ८६