भारतकोश
प्रेम-दर्शन: नारद भक्ति-सूत्र (देवर्षि नारद - भाईजी हनुमानप्रसाद पोद्दार सविस्तार हिन्दी भाष्य)

प्रेम-दर्शन: नारद भक्ति-सूत्र (देवर्षि नारद - भाईजी हनुमानप्रसाद पोद्दार सविस्तार हिन्दी भाष्य)

Prem Darshan: Narada Bhakti Sutra with Commentary by Hanuman Prasad Poddar

देवर्षि नारद (भाष्यकार: हनुमानप्रसाद पोद्दार) द्वारा

DevanagariHindipublished178 पृष्ठ

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पृष्ठ 5

॥ श्रीहरिः ॥ विषय-सूची विषय पृष्ठ-संख्या प्रार्थना और निवेदन ........................................ ५ देवर्षि नारद ..................................................... १२ १-प्रेमरूपा भक्तिका स्वरूप .............................. २१ २-प्रेममें अनन्यता ............................................ ३० ३-प्रेमरूपा भक्तिके लक्षण और उदाहरण.......... ३८ ४-प्रेमरूपा भक्ति फलरूपा है.......................... ५३ ५-प्रेमरूपा भक्तिके साधन और सत्संगकी महिमा .. ६० ६-प्रेमरूपा भक्तिमें प्रधान बाधा कुसंगति है ...... ८० ७-मायासे कौन तरता है .................................... ८५ ८-प्रेमरूपा भक्ति और गौणी भक्तिका स्वरूप .... ९५ ९-भक्तिकी सुलभता और महत्ता...................... १०५ १०-भक्तिके साधन और अन्तराय ...................... १०८ ११-प्रेमी भक्तोंकी महिमा ................................. १२५ १२-वाद-विवादरूपी विघ्न ................................. १३६ १३-भक्तिके प्रधान सहायक ............................. १४० १४-प्रेमा-भक्तिका फल और भक्तिकी सर्वश्रेष्ठता .................................................... १६५ 🞑 🞑