संक्षिप्त नारद पुराण

संक्षिप्त नारद पुराण
Sankshipt Narada Purana
महर्षि वेदव्यास द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)
DevanagariHindipublished770 पृष्ठ
पृष्ठ 17, कुल 770 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 17
| विषय | पृष्ठ-संख्या | विषय | पृष्ठ-संख्या |
|---|---|---|---|
| ११७- राजा रुक्माङ्गदकी घोषणा ................ | ६०७ | १३८- कालिका-पूजन .................................. | ६९२ |
| ११८- रुक्माङ्गद और महर्षि वामदेव ........... | ६०९ | १३९- इन्द्रद्युम्नको स्वप्नमें भगवद्दर्शन ............ | ६९९ |
| ११९- रुक्माङ्गदका पर्वतके पास पहुँचना ....... | ६१२ | १४०- बलराम, श्रीकृष्ण और सुभद्रा ............ | ७०४ |
| १२०- रुक्माङ्गदका छिपकलीके शरीरपर पानी डालना .................................... | ६१५ | १४१- वट-पूजन ........................................ | ७०८ |
| १२१- छिपकलीका दिव्य शरीर-धारण .......... | ६१७ | १४२- वे ही श्रीराम हैं, वे ही श्रीकृष्ण हैं ..... | ७१४ |
| १२२- मोहिनीको पीठपर पैर रखकर धर्माङ्गदने घोड़ेपर चढ़ाया ................. | ६२० | १४३- रथ-यात्रा ........................................ | ७१९ |
| १२३- पतिव्रताका पतिसहित देवलोक-गमन ... | ६२२ | १४४- प्रयाग-सङ्गम-स्नान ............................ | ७२४ |
| १२४- धर्माङ्गदका माताओंको समझाना .......... | ६२५ | १४५- कुरुक्षेत्र ........................................... | ७३१ |
| १२५- धर्माङ्गदका पिताके सामने मणि रखना . | ६२७ | १४६- गरुडको भगवद्दर्शन ............................ | ७३४ |
| १२६- गाय एक घड़ा दूध देती .................... | ६२९ | १४७- रुक्मिणी-पूजन ................................. | ७३९ |
| १२७- त्रिरात्र-व्रतमें दान ........................... | ६३१ | १४८- गौतमपर शिव-कृपा ............................ | ७४२ |
| १२८- मोहिनीकी ब्राह्मणोंसे बात ................... | ६३६ | १४९- जैमिनि ऋषिपर शिव-कृपा ................. | ७४४ |
| १२९- देवताओंको विष्णु-दर्शन ..................... | ६४३ | १५०- ऋषियोंको परशुरामजीके दर्शन ............ | ७५० |
| १३०- राजाको पुत्र-हत्यासे भगवान्का रोकना . | ६४७ | १५१- विश्वामित्रकी यज्ञ-रक्षा ......................... | ७५१ |
| १३१- ब्राह्मणके पास मोहिनीको लेकर देवताओंका जाना ............................. | ६५२ | १५२- श्रीरामजी धनुष तोड़ रहे हैं ................. | ७५२ |
| १३२- गङ्गा-स्नानसे शिवधामकी प्राप्ति ........... | ६५८ | १५३- वानरोंकी सम्पातीसे भेंट .................... | ७५३ |
| १३३- गङ्गाजी ........................................... | ६६३ | १५४- सीताजीकी अग्नि-परीक्षा ..................... | ७५३ |
| १३४- गङ्गामें प्राण-त्याग करनेवालोंको देवताओंका नमस्कार ....................................... | ६७० | १५५- श्रीराम-दरबारमें लव-कुशका रामायण-गान ................................... | ७५४ |
| १३५- फल्गु नदीके तटपर श्राद्ध .................... | ६७६ | १५६- लक्ष्मणजी दुर्वासा मुनिको रोक रहे हैं.. | ७५५ |
| १३६- श्रीरामद्वारा दशरथजीको पिण्डदान ........ | ६८१ | १५७- विश्रामघाटमें स्नान करनेसे विष्णुलोककी प्राप्ति ........................... | ७५९ |
| १३७- काशी-मुक्ति .................................... | ६८७ | १५८- गोवर्धन ब्राह्मणको भगवद्दर्शन ............. | ७६२ |
| १५९- वसुको श्यामसुन्दरके दर्शन ................. | ७६४ | ||
| १६०- मोहिनीका यमुनामें प्रवेश .................... | ७६६ |