संक्षिप्त नारद पुराण
Sankshipt Narada Purana
महर्षि वेदव्यास द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)
पृष्ठ 514, कुल 770 में से
संदर्भ में पढ़ें५१२ | * संक्षिप्त नारदपुराण *
५०१. राधा=श्रीकृष्णकी आराध्या देवी, उन्हींकी आह्लादिनी शक्ति, ५०२. राधिका=श्रीकृष्णकी आराधना करनेवाली वृषभानुपुत्री, ५०३. आनन्दा=आनन्दस्वरूपा, ५०४. वृषभानुजा=वृषभानुगोपकी कन्या, ५०५. वृन्दावनेश्वरी=वृन्दावनकी स्वामिनी, ५०६. पुण्या=पुण्यमयी, ५०७. कृष्णमानसहारिणी= श्रीकृष्णका चित्त चुरानेवाली।
५०८. प्रगल्भा=प्रतिभा, साहस, निर्भयता और उदार बुद्धिसे सम्पन्न, ५०९. चतुरा=चतुराईसे युक्त, ५१०. कामा=प्रेमस्वरूपा, ५११. कामिनी=एकमात्र श्रीकृष्णको चाहनेवाली, ५१२. हरिमोहिनी=श्रीकृष्णको मोहित करनेवाली, ५१३. ललिता=मनोहर सौन्दर्यसे सुशोभित, ५१४. मधुरा=माधुर्यभावसे युक्त, ५१५. माध्वी=मधुमयी, ५१६. किशोरी=नित्यकिशोरावस्थासे युक्त, ५१७. कनकप्रभाः=सुवर्णके समान कान्तिवाली।
५१८. जितचन्द्रा=मुखके सौन्दर्यसे चन्द्रमाको भी परास्त करनेवाली, ५१९. जितमृगा=चञ्चल चकित नेत्रोंकी शोभासे मृगको भी मात करनेवाली, ५२०. जितसिंहा=सूक्ष्म कटि-भागकी कमनीयतासे मृगराज सिंहके भी मदको चूर्ण करनेवाली, ५२१. जितद्विपा=मन्द-मन्द गतिसे गजेन्द्रका भी गर्व खर्व करनेवाली, ५२२. जितरम्भा=ऊरुओंकी स्निग्धतासे कदलीको भी तिरस्कृत करनेवाली, ५२३. जितपिका=अपने मधुर कण्ठस्वरसे कोयलको भी तिरस्कृत करनेवाली, ५२४. गोविन्दहृदयोद्भवा=श्रीकृष्णके हृदयसे प्रकट हुई।
५२५. जितबिम्बा=अपने अधरकी अरुणिमासे बिम्बफलको भी तिरस्कृत करनेवाली, ५२६. जितशुका=नुकीली नासिकाकी शोभासे तोतेको भी लजा देनेवाली, ५२७. जितपद्मा=अपने अनिर्वचनीय रूप-लावण्यसे लक्ष्मीको भी लज्जित करनेवाली, ५२८. कुमारिका=नित्य कुमारी, ५२९. श्रीकृष्णाकर्षणा=श्रीकृष्णको अपनी ओर खींचनेवाली, ५३०. देवी=दिव्यस्वरूपा, ५३१. नित्ययुग्मस्वरूपिणी=नित्य युगलरूपा।
५३२. नित्यं विहारिणी=श्यामसुन्दरके साथ नित्य लीला करनेवाली, ५३३. कान्ता=नन्दनन्दनकी प्रियतमा, ५३४. रसिका=प्रेमरसका आस्वादन करनेवाली, ५३५. कृष्णवल्लभा=श्रीकृष्णप्रिया, ५३६. आमोदिनी=श्रीकृष्णको आमोद प्रदान करनेवाली, ५३७. मोदवती=मोदमयी, ५३८. नन्दनन्दनभूषिता=नन्दनन्दन श्रीकृष्णके द्वारा जिनका शृङ्गार किया गया है।
५३९. दिव्याम्बरा=दिव्य वस्त्र धारण करनेवाली, ५४०. दिव्यहारा=दिव्य हार धारण करनेवाली, ५४१. मुक्तामणिविभूषिता=दिव्य मुक्तामणियोंसे विभूषित, ५४२. कुञ्जप्रिया=वृन्दावनके कुञ्जोंसे प्यार करनेवाली, ५४३. कुञ्जवासा=कुञ्जमें निवास करनेवाली, ५४४. कुञ्जनायकनायिका=कुञ्जनायक श्रीकृष्णकी नायिका।
५४५. चारुरूपा=मनोहर रूपवाली, ५४६. चारुवक्त्रा=परम सुन्दर मुखवाली, ५४७. चारुहेमाङ्गदा=सुन्दर सुवर्णके भुजबंद धारण करनेवाली, ५४८. शुभा=शुभस्वरूपा, ५४९. श्रीकृष्णवेणुसङ्गीता=श्रीकृष्णद्वारा मुरलीमें जिनके नाम और यशका गान किया जाता है, ५५०. मुरलीहारिणी=विनोदके लिये श्रीकृष्णकी मुरलीका हरण करनेवाली, ५५१. शिवा=कल्याणस्वरूप।
५५२. भद्रा=मङ्गलमयी, ५५३. भगवती=षड्विध ऐश्वर्यसे सम्पन्न, ५५४. शान्ता=शान्तिमयी, ५५५. कुमुदा=पृथ्वीपर आनन्दोल्लास वितीर्ण करनेवाली, ५५६. सुन्दरी=अनन्त सौन्दर्यकी निधि, ५५७. प्रिया=सखियों तथा श्यामसुन्दरको अत्यन्त