निराले सद्गुरु
Nirale Satguru
साहिब बन्दगी द्वारा
स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Distt. Samba (J & K) (उद्गम)
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आपकी वाणी ही बड़ी प्यारी है
एक बार आप मिजोरम में थे तो एक मेजर ने आपको भजन गाते सुन लिया। वो कहने लगा कि आप रोज़ गाया करें; आपकी वाणी बड़ी प्यारी है। लोग आपको फ़ोन करते हैं तो छोड़ते नहीं हैं। आपको पिण्डा छुड़ाने के लिए कहना पड़ता है कि सुरति रखना, अच्छा, साहिब-बंदगी। सत्य है कि आपकी वाणी ही ऐसी है कि कोई कितना भी आपके सत्संग सुने, बोर नहीं हो सकता है।
आपकी आँखें भी सबसे निराली हैं
यदि कोई आपके दर्शन करना चाहता है तो उसे आँखों में ही देखना है। यदि नज़र नहीं मिले तो समझो कि दर्शन नहीं हुए।
यदि कोई कहे कि वो आपकी तस्वीर बना सकता है तो यह बिलकुल झूठ होगा। क्योंकि कोई भी आपकी पूर्ण तस्वीर नहीं बना सकता है। सब कुछ बन सकता है पर आँखें कोई नहीं बना पायेगा। क्योंकि आँखों के बीच में ही आपका वास होता है।
यह शरीर तो केवल समझाने के लिए आपने लिया है। सच यह है कि आप माँ के पेट से आए ही नहीं। यह परम सत्य है। पर जो अद्भुत बुद्धिमान लोग हैं, वे ही इस सच्चाई को समझ सकते हैं। वैसे तो आपके केवल क्रिया-कलापों को देखकर ही कोई समझ सकता है कि आप मानव नहीं हो सकते हैं। फिर नाम पाकर यह शंका भी अवश्य ही मिट जाती है। यह बात दो तरह से जानी जा सकती है। या तो कोई आपके क्रिया-कलापों, आपके व्यवहार, आपके ज्ञान को देखकर समझ सकता है या फिर कोई नाम लेकर खोजी बन जाए तो वो समझ जायेगा।
परम पुरुष ने काल-पुरुष की तपस्या से प्रसन्न होकर उसे बहुत लंबे समय तक तीन लोक का राज्य करने का जो शब्द दिया वो न कटे,