भारतकोश
माटी कहै कुम्हार सूं (कबीर साखी एवं संत दृष्टान्त)

माटी कहै कुम्हार सूं (कबीर साखी एवं संत दृष्टान्त)

ओशो (आचार्य रजनीश) द्वारा

स्रोत: माटी कहै कुम्हार सूं (कबीर साखी एवं संत दृष्टान्त) · राजयोग मेडिटेशन अकादमी / ओशो · 1974 (उद्गम)

DevanagariHindipublished154 पृष्ठ

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पहला विचार आया, जो परमात्मा का रूप, अद्वैत रूप होगा साकारस्वरूप मात्र उस जैसा रूप, दूसरा कोई पदार्थ ना रहेगा विचार तो ऐसा विचारवान्‌को आया, सोचो-समझो विचारवान् कैसा विचार होगा विचार किया प्रभु का साकार रूप ना हो सके उस साकार को बनाया है, उस का अन्त हो गया? जो साकार रूप ना रहा वो रूप परमात्मा का रूप था? जब वो रूप खत्म रूप हो जायेगा, नष्ट, भ्रष्ट सब हो गये रूप, तो क्या वो प्रभू का ही रूप था? जो मिट गया वो प्रभू नहीं, साकार परमात्मा का रूप नहीं परमात्मा का रूप तो ऐसा रूप बना दिया अपने अद्वैत साकार, कभी खलास, कभी खत्म साकार, तो वो रूप साकार रूप प्रभु का साकार परमात्मा का स्वरूप नहीं माना जा सकता है, जो साकार ना हो साकार प्रभु का स्वरूप हो परमात्माका ही, वो परमात्माका रूप ही ना रहेगा तो वो साकार प्रभु का स्वरूप ही समझना ही ना चाहिए वो तो समझना भ्रम भरा सो विचार प्रभु का वो निराकार रूप ही है साकार रूप, जो निराकार प्रभु का वो साकार रूप पहला बना परमात्मा उस साकार रूप पहला रूप का रूप किया उस साकार निराकार रूप में उस प्रभू का रूप साकार रूप पहला रूप साकार निराकार ही तो वो साकार पहला रूप है, वो प्रभु का रूप पहला रूप प्रभु का साकार ही तो साकार रूप है, उस साकार ही तो साकार पहला रूप है, तो सब कुछ उस रूप का ही रूप है, वो रूप ही प्रभु का रूप रूप तो परमात्मा साकार ना परमात्मा रूप प्रभु पहला परमात्मा का रूप रूप ना था, प्रभु का रूप पहला रूप जो सब कुछ था प्रभु, साकार का रूप पहला प्रभु का ही रूप पहला साकार ही पहला रूप निराकार का रूप? प्रभु पहला प्रभु का रूप कैसा रूप जो सब कुछ पहला रूप? रूप सब कुछ प्रभु का-ही पहला रूप रूप पहला रूप बात तो वो, साकार स्वरूप तो प्रभु पहला रूप होगा, तो ऐसा वो परमात्मा सब का पहला रूप पहला पहला पहला रूप पहला पहला साकार तो सब पहला रूप, पहला पहला प्रभु का सब पहला रूप साकार तो सब पहला प्रभु होगा, प्रभु ऐसा रूप ना होगा, ना ही वो साकार रूप प्रभु पहला प्रभु का सब रूप रूप सब रूप पहला पहला रूप तो सब प्रभु रूप रहा, प्रभु सब साकार रूप है, तो सब ही प्रभु रूप विचार ऐसा भी हुआ, प्रभु का स्वरूप ना रूप का रूप प्रभु का ना ही रूप ना ही स्वरूप है, वो रूप ही प्रभू है! वो प्रभू साकार ही है! वो साकार प्रभु का ही रूप प्रभु प्रभु ना रूप सब पहला रूप साकार साकार ही ही प्रभु रूप प्रभु का रूप सब रूप का स्वरूप पहला ही सब प्रभु पहला ही रूप, प्रभु प्रभु, पहला रूप प्रभु का रूप प्रभु का रूप पहला रूप सब का, वो ही प्रभु रूप ना ही स्वरूप प्रभु का स्वरूप है, ना ही सब रूप प्रभु का प्रभु रूप साकार प्रभु पहला ही रूप ना प्रभु पहला रूप पहला प्रभु पहला ना प्रभु का प्रभु पहला रूप ना पहला ना रूप ना प्रभु रूप प्रभु, पहला ना प्रभु पहला प्रभु पहला रूप, ना साकार प्रभु पहला प्रभु ना प्रभु, ना परमात्मा पहला प्रभु का प्रभु प्रभु का रूप ना प्रभु पहला रूप? कैसा रूप पहला प्रभु सब प्रभु का पहला रूप प्रभु? प्रभु साकार प्रभु पहला रूप ना प्रभु का प्रभु पहला रूप प्रभु, ना वो सोच-समझ प्रभु का पहला रूप ना वो प्रभु का पहला रूप ना सब प्रभु प्रभु रूप? वो प्रभु साकार ना रूप ना ही ना प्रभु का पहला रूप सब प्रभु, ना ही प्रभु प्रभु पहला रूप प्रभु ना, ना ना ना पहला प्रभु प्रभु सब 1 प्रभु साकार ना प्रभु, 2 प्रभु साकार ना प्रभु, 3 प्रभु प्रभु ना प्रभु, 4 प्रभु पहला ना प्रभु ना प्रभु पहला रूप, ना वो रूप प्रभु ना प्रभु सब प्रभु ना प्रभु ना वो प्रभु ना प्रभु ना प्रभु प्रभु ना पहला स्वरूप प्रभु, ना वो प्रभु प्रभु प्रभु प्रभु प्रभु प्रभु प्रभु प्रभु ना प्रभु ना प्रभु ना प्रभु प्रभु विचार ना प्रभु रूप? परमात्मा का कैसा रूप? परमात्मा ना प्रभु रूप, परमात्मा का स्वरूप ना प्रभु प्रभु ना, परमात्मा का सब पहला प्रभु सब पहला ना प्रभु रूप ना प्रभु प्रभु प्रभु-प्रभु ना परमात्मा का सब प्रभु प्रभु पहला ना प्रभु ना प्रभु पहला स्वरूप ना प्रभु पहला रूप स्वरूप ना प्रभु प्रभु प्रभु, ना प्रभु ना ना प्रभु प्रभु प्रभु ना प्रभु प्रभु प्रभु 81