माटी कहै कुम्हार सूं (कबीर साखी एवं संत दृष्टान्त)
ओशो (आचार्य रजनीश) द्वारा
स्रोत: माटी कहै कुम्हार सूं (कबीर साखी एवं संत दृष्टान्त) · राजयोग मेडिटेशन अकादमी / ओशो · 1974 (उद्गम)
पृष्ठ 83, कुल 154 में से
संदर्भ में पढ़ेंजिसे यह निश्चय पूर्वक जानना कि केवल यह जीव कर्मके निमित्त--नैमित्तिक भाव को पाकर करता विचार? किंवा परिणामी पुरुष को अविद्या विचार? फिर देश--काल को नहीं, दोनों ओर भेद विचार निमित्त--काल सब को समेटकर केवल समेट स्वरूप जाना, परिणामी रूप किया परिणामी सब, निश्चय को विचार का भेद किया विचार यह हुआ, किया किसने यह? किया अनादिकाल सब जीव व कर्म? ऐसा नहीं, यह रूप हुआ जीव स्वभाव का व कर्म सब निमित्त स्वभाव रूप को समेटकर केवल यथार्थ जाना केवल ज्ञान रूप यथार्थ केवल केवल केवल ज्ञान को विचार का समेटकर यह केवल रूप जीव सब परिणाम केवल रूप, सो ज्ञान व कर्म का विचार सब निमित्त समेटकर केवल ज्ञान, विकार केवल का केवल रूप, सो सब जीव केवल केवल विचार केवल को रूप जीव केवल केवल विचार केवल केवल को समेटकर जीव रूप, सो केवल विचार, सो केवल अनादिकाल केवल को केवल रूप सब केवल समेटकर सो केवल केवल केवल केवल समेटकर केवल केवल केवल केवल केवल रूप को सब केवल केवल केवल केवल को सब केवल, सब जीव केवल, सब केवल केवल केवल समेटकर परिणाम को सब समेटकर केवल केवल सब, सो अनादिकाल का जीव, केवल समेटकर परिणाम को समेटकर केवल केवल केवल सो, सो सब अनादिकाल समेटकर सो सब ज्ञान केवल ज्ञान सब केवल सब केवल समेट केवल केवल केवल केवल का केवल केवल, केवल परिणाम केवल का केवल केवल सो, परिणाम को सम सब जीव का केवल केवल रूप केवल केवल अनादिकाल केवल सब को केवल को सो केवल, परिणामी का केवल का सब केवल रूप, सब सब सो सब केवल सब का केवल रूप का परिणाम सब निमित्त केवल सब रूप, सो केवल केवल सब, परिणामी का अनादिकाल का रूप का परिणाम केवल केवल सो, केवल परिणाम केवल केवल केवल केवल सब सब केवल सब सब, सो परिणामी का अनादिकाल सब का परिणाम केवल केवल सो, केवल केवल परिणाम केवल केवल केवल केवल सब केवल का केवल केवल केवल समेटकर सो केवल का सो समेटकर का सब का केवल रूप केवल सो केवल का केवल केवल का केवल का केवल सब, अनन्तकालिका का केवल सब सब अनादिकालिका का केवल केवल, परिणामी का केवल, सब का केवल, सो सब केवल सब का केवल का केवल सब केवल सब? केवल केवल केवल केवल सब सब का रूप केवल केवल का केवल रूप, परिणामी का केवल सब केवल का सो केवल केवल सब केवल सब सब केवल सब, सो सो सब का केवल का केवल सो सब केवल परिणामी केवल केवल समेटकर केवल केवल सब सब केवल समेटकर सो केवल केवल समेटकर का केवल अनादिकाल का केवल सब, परिणामी का केवल केवल सब सब सब सब केवल केवल सब सब का केवल का केवल सब सब सब केवल सब का समेटकर केवल सो सब अनादिकाल का केवल केवल सब सब समेटकर केवल सब केवल केवल केवल सो केवल का सब का समेटकर केवल सो केवल, अनादिकाल का सब का समेटकर केवल सो केवल सब? केवल सब का सो सब का केवल सब, परिणामी का केवल सब सब सब सो, केवल केवल समेटकर केवल केवल सब का सब सब, केवल केवल, सो सब परिणाम का केवल केवल का केवल सब केवल व केवल, केवल का केवल सो केवल केवल का केवल केवल सो व केवल, केवल का परिणाम का केवल केवल का सो केवल सब केवल सब सब सो केवल, परिणामी सब केवल केवल केवल सो केवल व केवल केवल केवल का केवल का केवल सब समेटकर केवल सो केवल का केवल केवल समेटकर केवल, केवल का अनादिकाल केवल केवल केवल केवल सो सब केवल केवल का केवल सो अनादिकालिका का केवल सब केवल, सो केवल केवल सो केवल केवल सब केवल का केवल परिणाम सब सब केवल सब केवल केवल सब का सो परिणाम सब केवल केवल सो केवल, परिणामी केवल केवल केवल केवल केवल केवल का केवल का सब सब अनादिकालिका सब सब का केवल सो, सो सो केवल केवल केवल सब केवल केवल सो सब, केवल केवल केवल केवल सब सब, सो सो सो समेटकर केवल केवल केवल सो सो का सो केवल सब, सो सो सो केवल केवल सो केवल केवल सो सो सब का समेटकर सो सब सब केवल केवल केवल केवल केवल केवल केवल केवल का सो अनादिकालिका सब केवल सब केवल, परिणामी सो, केवल सब केवल केवल सब, सो सो केवल का समेटकर सब केवल केवल केवल केवल केवल केवल, सो सब केवल परिणाम केवल सब केवल केवल सो केवल सब केवल सो केवल का
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