पद्मावत (मलिक मोहम्मद जायसी - सटीक ऐतिहासिक महाकाव्य)
Padmavat with Hindi Commentary
मलिक मोहम्मद जायसी / पं. रामचन्द्र शुक्ल द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंपद्मावत । १८५ दहिन चन्द्रमा सुख सरबदा । बायें चन्द्रायत दुख आपदा ॥ अदिते होय उत्तर कहँ कालू । सोमकाल बायब नहिं चालू ॥ भूमि कालपच्छमबुधनैऋता । गुरै दक्षिनशुकअग्नेयता ॥ पूरब काल शनीचर बसे । पीठ दे काल चले सब हँसे ॥ दो० धन नक्षत्र औ चन्द्रमा, औ ताराबल सोय । समय एक दिन गवने, लक्ष्मी केतक होय ॥ पहिले चाँद पूर्व दिश तारा । दूजे बसे इर्शन बिचारा ॥ तीजे उत्तर सो चौथे बायब । पँचैसोपश्चिमदिशगिनायब ॥ छठयें नैऋत दक्षिण सतैं । बसे जाय अग्नेय सो अठैं ॥ नवें चन्द्र जो पृथ्वी बासा । दशयें चन्द्र जो रहै अकासा ॥ ग्यारें चन्द्र पूर्व फिर जाय । बहुकलेश में दिवससँवायें ॥ अशुनैं भरनैं रेवती भली । मृगशिरैं मूलैं पुनरबसैं बली ॥ पुष्यैं जेठैं हस्तैं अनुराधौ । जो सुख चाहै पूजे साधा ॥ दो० तिथ नक्षत्र औ बार इक, अष्टसातखण्ड भाग । आदिश्रन्तैं बुधसो यह, दुखसुखअंकमलाग ॥ परेवाछठ एकादश नन्दा । दुइजसप्तमी द्वादश मन्दा ॥ तीज अष्टमी तेरस जयाँ । चौथचतुरदश नौमीरिक्याँ ॥ पूरन पूनों दशमी पाँचैं । शुक्रे नन्दे बुध भा नाचैं ॥ अदितसोहस्तनखतसिधिलैंहिये।बीफेपुष्येश्रवणशशिकहिये॥ भरणि रेवती बुध अनुराधा । भई अमावस रोहिणी साधा ॥ इतवार १ मंगल २ बीफे ३ नवमीको चांदका बास ज़मीन पर ४ दिन बीते ५ नाम नक्षत्र ६-७-८-९-१०-११-१२-१३-१४-१५ सातों मुल्क १६ अव्वलसे आख़िर तक खुशी १७ परेवा छठ एकादशी सफ़र करना अच्छा १८ दुइज सप्तमी द्वादशी बुराहै १६ तीज अष्टमी तेरस जीत २० चौथ चतुर्दशी नवमी में देरी २१ पूर्णमासी दशमी पंचमी अच्छा २२ खुशी २३ इतवार को हस्तनक्षत्र अच्छा २४ नामनक्षत्र २५-२६-२७ ॥