पञ्चदशी (हिन्दी व्याख्या सहित)
Panchadashi by Swami Vidyaranya
स्वामी विद्यारण्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा विद्याभवन · चौखम्बा विद्याभवन · 1940 (उद्गम)
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निम्नलिखित ग्रन्थों से ग्रन्थकार के नाते श्रीविद्यारण्यमुनि का सम्बन्ध जाना गया है— १ ऋग्वेद भाष्य, २ यजुर्वेद भाष्य, ३ सामवेद भाष्य, ४ अथर्ववेद भाष्य, ५ चारों वेदों के शतपथ ऐतरेय तैत्तिरीय ताण्य आदि ब्राह्मण ग्रन्थों का विचार, ६ दशोपनिषद्दीपिका, ७ जैमिनीय न्यायमालाविस्तर, ८ पंचदशी, ९ अनुभूतिप्रकाश, १० ब्रह्मगीता, ११ पाराशर स्मृति भाष्य, १२ मनुस्मृति- व्याख्यान, १३ सर्वदर्शनसंग्रह, १४ माधवीय धातुवृत्ति, १५ शंकरदिग्विजय, १६ कालनिर्णय । कई लोगों के मत से वेदभाष्यकर्ता इनके छोटे भाई 'सायणाचार्य' ही थे। इन ग्रन्थों को सायणमाधवीय कहने से यह मालूम होता है कि वेदभाष्य से इनका रचयिता का सम्बन्ध न भी हो तौ भी उसमें इनका हाथ अवश्य था। विद्यारण्य स्वामी की पंचदशी जिस पर कि यह भाषा टीका लिखी गई है सेतुबन्ध रामेश्वर से लेकर हिमालय तक अद्वैतवेदान्त पर सर्वमान्य ग्रन्थ समझा जाता है।
निवेदक— लेखन स्थान— रामावतार श्रद्धेय श्री अच्युतमुनि जी का रतनगढ़ (जि० बिजनौर) आश्रम, गंगातीर हिन्दप्रान्त