पञ्चदशी (हिन्दी व्याख्या सहित)

पञ्चदशी (हिन्दी व्याख्या सहित)
Panchadashi by Swami Vidyaranya
स्वामी विद्यारण्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा विद्याभवन · चौखम्बा विद्याभवन · 1940 (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished726 पृष्ठ
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५०० पञ्चदशी
तो अच्छा तुम ऐसे ही सन्तुष्ट हो जाओ और वृद्धि पाओ। हम कब कहते हैं कि उपासना करनी ही चाहिये। ब्रह्मज्ञान से बढ़कर और है ही क्या । ब्रह्मानन्दाभिधे ग्रन्थे मन्दानुग्रहसिद्धये । द्वितीयाध्याय एतस्मिन्नात्मानन्दो विवेचितः ॥९०॥ ब्रह्मानन्द नाम के ग्रन्थ के इस द्वितीयाध्याय में मन्दाधि- कारी पर अनुग्रह करने के लिए 'आत्मानन्द' का विवेचन किया गया। इति श्रीमद्विद्यारण्यमुनिविरचितपंचदश्यां ब्रह्मानन्दे आत्मानन्दः