पञ्चसिद्धान्तिका (आचार्य वराहमिहिर - सूर्य, रोमक, पौलिश, वासिष्ठ एवं पितामह सिद्धान्त)

पञ्चसिद्धान्तिका (आचार्य वराहमिहिर - सूर्य, रोमक, पौलिश, वासिष्ठ एवं पितामह सिद्धान्त)
Panchasiddhantika of Acharya Varahamihira with Commentary
आचार्य वराहमिहिर द्वारा
DevanagariHindipublished419 पृष्ठ
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16.9 11. सिंहे गुणेन्दु 18.46 fn. 12. सिंहे बाणगुणा 18.46 13. सितबहल्योः 3.18 14. सितवज्जलधेः 3.18 fn. 15. सितशीघ्रं 16.8 16. सूत्रद्वयसम्पात 14.20 17. सूत्रेण बिन्दुकत्रय 14.15 18. सूर्यस्यार्धा 15.26 19. सूर्येन्दुभगण 15.1 20. सैकत्रिंशे द्युगणे 12.3 21. सैकाजे पञ्चाशत् 4.7 22. सौरस्य सहस्र 16.3 23. सौर्यं स्थापित 9.9 24. स्थितिदलनविमर्दे 6.6 25. स्फुटगणितविदिह 3.37 26. स्फुटदिनकर 17.12 27. स्फुटमध्यम 18.24 28. स्फुटयित्वैवं 17.7 29. स्वपरिधिगुणिते 17.5 30. स्वप्रत्ययेन 13.34 31. स्वरवसुमुनीन्द्र 9.16