परिभाषेन्दुशेखर (नागेश भट्ट - व्याकरण परिभाषा सिद्धान्त एवं भैरवी टीका सटीक)
Paribhashendushekhara of Nagesha Bhatta with Commentary
महामहोपाध्याय नागेश भट्ट (सम्पादक: पं. विश्वनाथ मिश्र) द्वारा
पृष्ठ 126, कुल 373 में से
संदर्भ में पढ़ेंति or 'ज्यायानि'ति! Let's check how the typesetter printed it: Line 13: 'ज्यायानि'त्यस्य Line 14: 'ज्यायानि'त्यस्य Line 32: 'ज्ययानि'ति Line 33: 'ज्यायानि'ति Look at the image: Line 13: 'ज्यायानि'त्यस्य Line 14: 'ज्यायानि'त्यस्य Line 32: 'ज्ययानि'ति रूपम् । Line 33: 'ज्यायानि'ति रूपमिति
Let's double-check line 6: 'चोः 'कुरि'त्यादौ भाव्यमानेनापि सवर्णग्रहणम्, विधेये उदिदु- Wait, look at 'चोः 'कु': Is there an opening quote before 'कु'? Line 6: 'चोः 'कुरि'त्यादौ Look: 'चोः 'कुरि'त्यादौ -> 'चोः कुः' इति आदौ -> 'चोः 'कुरित्यादौ or 'चोः कु'रित्यादौ? In image: 'चोः 'कुरि'त्यादौ (single quote before चोः, single quote before कु, single quote after र्/रि).
Let's check line 18: दुर्द्धर इति वाच्यम्; ईकारस्य ह्रस्वा