भारतकोश
संग्रह पर लौटें

पातञ्जल योगदर्शन (भाष्य सहित)

Patanjali Yoga Darshan

महर्षि पतञ्जलि / हरिकृष्णदास गोयन्दका द्वारा

DevanagariHindipublished184 पृष्ठ
[ २ ]

| | | | |
| :--- | :--- | :--- | :--- |
| भक्त-पञ्चरत्न | ।-) | नवधा भक्ति | =) |
| आदर्श भक्त | ।-) | बाल-शिक्षा | =) |
| भक्त-चन्द्रिका | ।-) | रामायण-शिशु-परीक्षा पाठ्य- | |
| भक्त-सप्तरत्न | ।-) | पुस्तक | =) |
| भक्त-कुसुम | ।-) | **भजन-संग्रह** | |
| प्रेमी भक्त | ।-) | प्रथम भाग | =) |
| प्राचीन भक्त | ॥) | द्वितीय भाग | =) |
| भक्त-सौरभ | ।-) | तृतीय भाग | =) |
| भक्त-सरोज | ।=) | चतुर्थ भाग | =) |
| भक्त-सुमन | ।=) | पञ्चम भाग | =) |
| **आदर्श चरित-माला** | | गीताके पदोंकी वर्णानुक्रमसूची | =) |
| भक्तराज हनुमान् | ।-) | स्त्रीधर्म-प्रश्नोत्तरी | -)॥ |
| सत्यप्रेमी हरिश्चन्द्र | ।-) | नारीधर्म | -)॥ |
| प्रेमी भक्त उद्धव | ≡) | गोपी-प्रेम | -)॥ |
| महात्मा विदुर | =)॥ | मनुस्मृति दूसरा अध्याय | -)॥ |
| भक्तराज ध्रुव | ≡) | ध्यानावस्थामें प्रभुसे वार्तालाप | -)॥ |
| विवेक-चूडामणि | ।-) | श्रीविष्णुसहस्रनाम सटीक | -)॥ |
| परमार्थ-पत्रावली भाग १ | ।) | हनुमानबाहुक | -)॥ |
| ” २ | ।) | श्रीसीताके चरित्रसे आदर्श | |
| ” ३ | ॥) | शिक्षा | -)। |
| कल्याण-कुञ्ज | ।) | मनको वशमें करनेके उपाय | -)। |
| महाभारतके आदर्श पात्र | ।) | ईश्वर | -)। |
| आदर्श भ्रातृ-प्रेम | ≡) | मूल रामायण | -)। |
| मानव-धर्म | ≡) | रामायण-मध्यमा-परीक्षा-पाठ्य- | |
| गीता-निबन्धावली | =)॥ | पुस्तक | -)। |
| साधन-पथ | =)॥ | हरेरामभजन १४ माला | ।-) |
| मनन-माला | =)॥ | हरेरामभजन ६४ माला | १) |
| | | शारीरकमीमांसादर्शन | )॥ |
| | | बलिवैश्वदेवविधि | )॥ |

[ ३ ]

The Philosophy of Love 1-0-0The Divine Name and Its Practice 0-3-0
Gems of Truth (Second Series)The Immanence of God 0-2-0
(Bound) 0-12-0What is God? 0-2-0
The Bhagavadgita 0-4-0Wavelets of Bliss 0-2-0
Bound 0-6-0What is Dharma? 0-0-9
The Divine Message 0-0-9

नयी सूचना

छोटी-छोटी पुस्तकोंके बंद लिफाफोंमें पैकेट बनाये गये हैं। इन पैकेटोंपर पुस्तकोंके अलग-अलग नाम तथा मूल्य छाप दिया गया है। पैकेटोंमें हेर-फेर नहीं किया जाता है। किसी भी पुस्तककी अधिक संख्यामें अलग माँग दी जा सकती है।
पैकेटोंका विवरण इस प्रकार है—

पैकेट नं० १, पुस्तक-संख्या १३, मूल्य ॥।)

१—सामयिक चेतावनी —)९—श्रीमद्भगवद्गीताका तात्त्विक विवेचन —)
२—आनन्दकी लहरें —)१०—भगवत्तत्त्व —)
३—गोविन्द-दामोदर-स्तोत्र —)११—सन्ध्योपासनविधि अर्थ-सहित —)
४—श्रीप्रेमभक्तिप्रकाश —)१२—हरेरामभजन दो माला )॥
५—ब्रह्मचर्य —)१३—पातञ्जलयोगदर्शन मूल )।
६—सप्त महाव्रत —)-----------------------------
७—सच्चा सुख और उसकी प्राप्ति —)                                           ॥।)
८—भगवन्नाम —)

पैकेट नं० २, पुस्तक-सं० ५, मूल्य ।)

१—संत-महिमा )॥४—वैराग्य )॥
२—श्रीरामगीता )॥५—रामायण सुन्दरकाण्ड —)
३—विष्णुसहनाम मूल )॥-----------------------------
                                           ।)

[ ४ ]

पैकेट नं० ३, पुस्तक-संख्या १६, मूल्य ॥)

१—विनय-पत्रिकाके पंद्रह पद (सार्थ) )॥१०—भगवत्प्राप्तिके विविध उपाय )॥
२—सीतारामभजन )॥११—व्यापारसुधारकी आवश्यकता और व्यापारसे मुक्ति )॥
३—भगवान् क्या हैं ? )॥१२—स्त्रियोंके कल्याणके कुछ घरेलू प्रयोग )॥
४—भगवान्‌की दया )॥१३—परलोक और पुनर्जन्म )॥
५—गीतोक्त सांख्ययोग और निष्कामकर्मयोग )॥१४—ज्ञानयोगके अनुसार विविध साधन )॥
६—सेवाके मन्त्र )॥१५—अवतारका सिद्धान्त )॥
७—प्रश्नोत्तरी )॥१६—गीताके श्लोकोंकी वर्णानुक्रम-सूची )॥
८—सन्ध्या विधिसहित )॥
९—सत्यकी शरणसे मुक्ति )॥<u>                                                                                  </u><br>                                                                                   ॥)

पैकेट नं० ४, पुस्तक-सं० १८, मूल्य ।)

१—धर्म क्या है ? )।१०—शोक-नाशके उपाय )।
२—श्रीहरिसंकीर्तन-धुन )।११—ईश्वर साक्षात्कारके लिये नाम-जप सर्वोपरि साधन है )।
३—दिव्य सन्देश )।१२—चेतावनी )।
४—नारद-भक्ति-सूत्र )।१३—त्यागसे भगवत्-प्राप्ति )।
५—महात्मा किसे कहते हैं ? )।१४—श्रीमद्भगवद्गीताका प्रभाव )।
६—ईश्वर दयालु और न्यायकारी है )।१५—लोभमें पाप आधा पैसा
७—प्रेमका सच्चा स्वरूप )।१६—सप्तश्लोकी गीता आधा पैसा
८—हमारा कर्तव्य )।१७-१८—गजल गीता २ प्रति )।
९—कल्याणप्राप्तिकी कई युक्तियाँ )।<u>                                                                                  </u><br>                                                                                   ।)

पता—गीताप्रेस, पो० गीताप्रेस (गोरखपुर)


नोट—कृपया पेशगीसहित आर्डर भेजें ।

६:

महा... प्रतिज्ञा उत्तर-पत्री
(गो-दर्शन)

... कठिन ... व ... इत्यादि ।
... विषय ... इत्यादि । यथा
१ २ ३ पृष्ठाः ५, ७, १२,
४, ५, ६, ७, ८ पृष्ठाः
... ९, १०, ११, १२ पृष्ठाः
... गानं स्व... मन्त्रहीनं कुर्यात् ।

...
...
...
...
...
...
...
...
... भोज


... - घनश्यामदास ..., गीता प्रेस, गोरखपुर ।