फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)
Phaladeepika of Mantreshwara Daivajna with Commentary
मन्त्रेश्वर दैवज्ञ (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण व्यास) द्वारा
DevanagariHindipublished684 पृष्ठ
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चौबीसवां अध्याय : अष्टकवर्गफल ५७७ शुक्र का अष्टक वर्ग (त्रिकोण शोधन)
| मे. | वृ. | मि. | क. | सिं. | कन्या | तु. | वृ. | ध. | म. | कुं. | मी. | योग | |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ४ | ३ | ६ | ५ | ५ | ४ | ५ | ४ | ३ | ४ | ६ | ३ | ५२ | |
| घटाइये | ३ | ३ | ५ | ३ | ३ | ३ | ५ | ३ | ३ | ३ | ५ | ३ | ४२ |
| शेष | १ | ० | १ | २ | २ | १ | ० | १ | ० | १ | १ | ० | १० |
| शनि का अष्टक वर्ग (त्रिकोण शोधन) | |||||||||||||
| मे. | वृ. | मि. | क. | सिं. | कन्या |