भारतकोश
फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

Phaladeepika of Mantreshwara Daivajna with Commentary

मन्त्रेश्वर दैवज्ञ (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण व्यास) द्वारा

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५९० फलदीपिका

शनि का अष्टक वर्ग (राशि गुणक और ग्रह गुणक)

ग्र.श.वृ. सू. मं.बु.चं.योग
रा.मे.वृ.मि.क.सिंहक.तु.वृ.ध.म.कुं.मी.
ए. शो.
रा. गु.६०१५१६१२
ग्र. गु.१०४०

इस प्रकार गुणा करके राशि गुणक और ग्रह गुणकों को जोड़िये ।

सू.चं.मं.बु.बृ.शु.श.
राशि गुणक का गुणनफल१२४९०५१४७६०४३११७
ग्रह गुणक का गुणनफल८५२०२०२५४५२५६०
योग पिण्ड२०९११०७१७२१०५६८१७७