फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)
Phaladeepika of Mantreshwara Daivajna with Commentary
मन्त्रेश्वर दैवज्ञ (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण व्यास) द्वारा
DevanagariHindipublished684 पृष्ठ
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५९० फलदीपिका
शनि का अष्टक वर्ग (राशि गुणक और ग्रह गुणक)
| ग्र. | श. | वृ. सू. मं. | बु. | चं. | योग | |||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| रा. | मे. | वृ. | मि. | क. | सिंह | क. | तु. | वृ. | ध. | म. | कुं. | मी. |
| ए. शो. | १ | ० | ० | ० | ६ | ३ | १ | २ | ० | ० | ० | १ |
| रा. गु. | ७ | ६० | १५ | ७ | १६ | १२ | ||||||
| ग्र. गु. | ५ | • | १० | ४० | ५ |
इस प्रकार गुणा करके राशि गुणक और ग्रह गुणकों को जोड़िये ।
| सू. | चं. | मं. | बु. | बृ. | शु. | श. | |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| राशि गुणक का गुणनफल | १२४ | ९० | ५१ | ४७ | ६० | ४३ | ११७ |
| ग्रह गुणक का गुणनफल | ८५ | २० | २० | २५ | ४५ | २५ | ६० |
| योग पिण्ड | २०९ | ११० | ७१ | ७२ | १०५ | ६८ | १७७ |