फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)
Phaladeepika of Mantreshwara Daivajna with Commentary
मन्त्रेश्वर दैवज्ञ (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण व्यास) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंपरिशिष्ट कालचक्र दशा में अन्तर्दशा समय ६७६ | ग्रह (राशि) | पूर्णायु १०० वर्ष<br>व.मा.दि. | पूर्णायु ८६ वर्ष<br>व मा.दि. | पूर्णायु ८५ वर्ष<br>व.मा.दि. | पूर्णायु ८३ वर्ष<br>व.मा.दि. | | :--- | :--- | :--- | :--- | | सूर्य × सूर्य | ०-३- ० | ०-३-१५ | ०-३-१५ | | | ,, × चन्द्र | १-०-१८ | १-२-२० | १-२-२५ | | | ,, × मंगल | ०-४- ६ | ०-४-२७ | ०-४-२८ | | | ,, × बुध | ०-५-१२ | ०-६- ८ | ०-६-१० | | | ,, × गुरु | ०-६- ० | ०-६-२९ | ०-७- १ | | | ,, × शुक्र | ०-९-१८ | ०-११-५ | ०-११-९ | | | ,, × शनि | | ०-२-२४ | ०-२-२५ | | | चन्द्र × चन्द्र | ४-४-२८ | ५-१-१६ | ५-२- ८ | | | ,, × मंगल | १-५-२० | १-८-१५ | १-८-२३ | | | ,, × बुध | १-१०-२० | २-२-११ | २- २-२१ | | | ,, × गुरु | ०-१०-२४ | २-५- ९ | २- ५-२० | | | ,, × शुक्र | ३- ४-१० | ३-१०-२६ | ३-११-१३ | | | ,, × शनि | | ०-११-२२ | ०-११-२६ | | | मंगल × मंगल | ०-५-२६ | ०-६-२५ | ०-६-२७ | ०- ७-२ | | ,, × बुध | ०-७-१७ | ०-८-२४ | ०-८-२७ | ०- ९-४ | | ,, × गुरु | ०-८-१२ | ०-९-२३ | ०-९-२७ | ०-१०-४ | | ,, × शुक्र | १-१-१३ | १-३-१९ | १-३-२४ | १- ४-६ | | ,, × शनि | | ०-३-२७ | ०-३-२९ | ०- ४-९ |