भारतकोश
प्रासाद मण्डन (मण्डन सूत्रधार - मन्दिर निर्माण, शिखर, मण्डप एवं वास्तु लक्षण सटीक)

प्रासाद मण्डन (मण्डन सूत्रधार - मन्दिर निर्माण, शिखर, मण्डप एवं वास्तु लक्षण सटीक)

Prasada Mandanam of Sutradhara Mandana with Commentary

मण्डन सूत्रधार (महाराणा कुम्भा के प्रधान वास्तुकार) द्वारा

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( २२७ ) पृष्ठ लाईन अशुद्ध शुद्ध पृष्ठ लाईन शुद्ध शुद्ध १७५ २३ चतुष्टद्यंशको चतुपटद्यशको २०८ ६ तत्प्रभाण तत्प्रमाण १७६ ४ उरुशृङ्ग उरुशृङ्गं ,, २२ षड्विशपद षड्विंशपद ,, ८ इन्दनील इन्द्रनील ,, २४ वेदहप वेदरूप १७७ ३ 'रखलें' के बाद छूटा ओर कोने के २११ ३ पद्ममम् पद्मम् हुआ मेटर— ऊपर से एक ,, १४ पुरमध्यें पुरमध्ये शृंग हटा ,, २५ धुरे पुरे करके उसके २१४ २४ कङ्ग कङ्ग बदले तिलक २१५ २५ खाड खंड रखलें २१६ १३ शिवर्लिंगकी शिवलिंग की १८० १३ प्रत्यङ्ग प्रत्यङ्ग तु २१७ ३५ सचारणा सवरणा १९२ २५ तिलक तिलरु २१६ २६ देध देव १९५ ४ दिपद द्विपद ,, २३ व्यबका काम व्यय का नाम ――――