प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - प्रतिमा-दर्शन एवं सम्पूर्ण ७ अङ्क सान्वय सटीक)

प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - प्रतिमा-दर्शन एवं सम्पूर्ण ७ अङ्क सान्वय सटीक)
Pratimanatakam of Mahakavi Bhasa with Commentary
महाकवि भास द्वारा
DevanagariHindipublished178 पृष्ठ
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( 29 ) 'ग' के 6 पद्य— 46. गच्छति तुष्टिं खलु 5 5 47. गतो रामः प्रियं 2 20 48. गत्वा तु पूर्वमय० 6 7 49. गत्वा पूर्वम् स्वसैन्यै० 4 17 50. गुरोर्मे पाद 1 27 51. गोपहीना यथा गावो 3 23 'घ' का 1 पद्य— 52. घनः स्पष्टो धीरः 4 7 'च' के 2 पद्य— 53. चरति पुलिनेषु 1 2 54. चीरमात्रोत्तरीयाणाम् 1 31 'छ' का 1 पद्य— 55. छत्र सव्यजनं 1 3 'ज' का 1 पद्य— 56 जय नरवर जेयः 7 1 'त' के 14 पद्य— 57. तं स्मृत्वा शुल्कदोषं 3 11 58. तत्र यास्यामि यत्रासौ 3 24 59. तपः सग्राम कवच 1 28 60. तवैव पुत्रः 2 9 61. तातस्यैतानि 5 13 62. ताते धनुर्नमयि० 1 22 63. तीर्थोदकेन मुनिभिः 1 9 64. तेनोक्त रुदित 6 15 65. तैस्तर्पिताः सुतफलं 5 10 66. तैस्तैः प्रवृद्ध-विषयै० 7 6 67. त्यक्त्वा ता गुरुणा 5 1