राजतरंगिणी (महाकवि कल्हण - सम्पूर्ण काश्मीर व भारत राजवंश इतिहास)
Rajatarangini of Kalhana with Hindi Translation
महाकवि कल्हण / पं. रघुनाथ सिंह द्वारा
पृष्ठ 972, कुल 984 में से
संदर्भ में पढ़ेंआधार ग्रन्थ १५३ औचित्य विचार चर्चा—क्षेमेन्द्र कथा कौतक—श्रीवर ( शिवदत्त काशी नाथ पाण्डुरंग पर्थं ) कथा सरित्सागर—सोमदेव कला विलास—क्षेमेन्द्र कल्कि पुराण—कला प्रसन्न विद्यारत्न, कलकत्ता कामसूत्र—वात्स्यायन संस्कृत सोरोज, काशी कालिका पुराण—श्री वेंकटेश्वर प्रेस, बम्बई काव्य प्रकाश—मम्मट—चौखम्बा सं० सी०, काशी काव्य मीमांसा—राजशेखर—बिहार राष्ट्रभाषा परिषद्, पटना काव्यादर्श—दंडी काशिका वृत्ति—जयदेव वामन किरातार्जुनीय—भारवि कुट्टनीमतं—दामोदर गुप्त-अ० अत्रिदेव विद्या- लंकार इन्डोलाजिकल बुक हाउस, काशी कुमार सम्भव—कालिदास कूर्म पुराण—श्री वेंकटेश्वर प्रेस, बम्बई कोदण्ड मंडन—ब्रह्म पुराण का एक भाग कृत्य कल्पतरु—लक्ष्मीधर, गायकवाड ओरियन्टल सीरीज, बड़ौदा खंडनखंड खाद्य—ब्रह्म गुप्त (ज्योतिष ग्रन्थ ) गणेश पुराण—मोदवृत्त मुद्रणालय गरुड़ पुराण—श्री वेंकटेश्वर प्रेस, बम्बई गीत गोविन्द—जयदेव गीता—राजानक अभिनव गुप्त व्याख्या-संस्करण राजानक लक्ष्मण ब्रह्मचारी ईशाबर, काश्मीर गोदावरी माहात्म्य गोभिल स्मृति चतुर्वर्ग संग्रह—क्षेमेन्द्र चरकसंहिता चक्रपूजा चान्द्र व्याकरण—चन्द्रगोमिन जह्विनोद जैन राजतरंगिणी—श्रीवर, नीलकण्ठ कौल, होशियारपुर जैमिनीय संहिता तीर्थ संग्रह—साहिव राम दशकुमार चरित—दण्डी दशावतार चरित्र—क्षेमेन्द्र दुर्गा सप्तशती—गीता प्रेस देवी भागवत—पंडित पुस्तकालय, काशी देवी माहात्म्य—सं० अविनाश चन्द्र मुखोपाध्याय, कलकत्ता देश-व्यवस्था देशोपदेश—क्षेमेन्द्र ध्वन्यालोक—आनन्दवर्धनाचार्य । सामसागर त्रिपाठी, मोतीलाल बनारसीदास नन्दि क्षेत्र माहात्म्य नन्दि पुराण नर्ममालो—क्षेमेन्द्र नाट्यशास्त्र—भरत-डा० रघुवंश-मोतीलाल बनारसीदास तथा काशी संस्कृत सीरीज नारद पुराण—श्री वेंकटेश्वर प्रेस, बम्बई । नारायण कवच निर्णय सिन्धु—कमलाकर भट्ट-चौखम्बा संस्कृत सीरीज, काशी नीति प्रकाशिका—वैशम्पायन नीति सार—कामन्दक नीलमत पुराण—रामलाल कांजीलाल तथा जगधर जाडू, लाहौर नीलमत पुराण--ब्रिजे के० डी० लीडेन नृपावली—क्षेमेन्द्र नृसिंह पुराण—गोपाल नारायण प्रेस पद्म पुराण—श्री वेंकटेश्वर प्रेस, बम्बई पंचतन्त्र—विष्णु शर्मा, पंडित पुस्तकालय, काशी पृथ्वीराज विजय-जयानक-टिप्पणी-जोनराज सं० भाष्य श्रीगौरीशंकर हीराचन्द ओझा तथा चन्द्रधर शर्मा गुलेरी, अजमेर वाराही तंत्र बाल रामायण