राजयोग (स्वामी विवेकानन्द - पातञ्जल योगसूत्र भाष्य सहित)

राजयोग (स्वामी विवेकानन्द - पातञ्जल योगसूत्र भाष्य सहित)
Raja Yoga - Swami Vivekananda with Patanjali Yoga Sutras
स्वामी विवेकानन्द / महर्षि पतञ्जलि द्वारा
DevanagariHindipublished307 पृष्ठ
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अनुक्रमणिका
| विषय | पृष्ठ |
|---|---|
| ग्रन्थकार की भूमिका | ... ... एक से तीन |
| १. अवतरणिका | ... ... १ |
| २ साधना के प्राथमिक सोपान | ... ... २१ |
| ३ प्राण | ... ... ३६ |
| ४ प्राण का आध्यात्मिक रूप | ... ... ५४ |
| ५ अध्यात्म प्राण का सयम | .. ... ६८ |
| ६. प्रत्याहार और धारणा | ... .. ७६ |
| ७. ध्यान और समाधि | ... ... ९० |
| ८. सक्षेप मे राजयोग | ... ... १०६ |
पातंजल-योगसूत्र
| उपक्रमणिका | ... ... ११७ |
| प्रथम अध्याय—समाधिपाद | ... ... १२६ |
| द्वितीय अध्याय—साधनपाद | ... ... १८१ |
| तृतीय अध्याय—विभूतिपाद | ... . २३२ |
| चतुर्थ अध्याय—कैवल्यपाद | ... ... २५६ |
| परिशिष्ट—योग के बारे मे अन्यान्य शास्त्रो के मत | .. २७१ |