राजयोग (स्वामी विवेकानन्द - पातञ्जल योगसूत्र भाष्य सहित)

राजयोग (स्वामी विवेकानन्द - पातञ्जल योगसूत्र भाष्य सहित)
Raja Yoga - Swami Vivekananda with Patanjali Yoga Sutras
स्वामी विवेकानन्द / महर्षि पतञ्जलि द्वारा
DevanagariHindipublished307 पृष्ठ
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प्राण का आध्यात्मिक रूप ६७
अनन्त सुख की जननी है—योगीगण ससार के सामने उच्च कण्ठ से यही घोषणा करते हैं। अतएव राजयोग यथार्थ धर्मविज्ञान है। वह सारी उपासना, सारी प्रार्थना, विभिन्न प्रकार की साधना-पद्धति और समुदाय अलौकिक घटनाओ की युक्तिसंगत व्याख्या है।