राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)
History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha
महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअनुक्रमणिका ४२१ [बायां स्तम्भ] किशनदास (महारावत विक्रमसिंह का पुत्र)—१०२, ११८। किशनदास (सलूंबर का स्वामी)—३०१। किशनसिंह (बोड़ी साखथली का ठाकुर)—३७२। किशनसिंह (बांसवाड़े के महारावल जगमाल का पुत्र)—६८, १००। किशोरासिंह (जोरावरपुरा का स्वामी)—३७३। कीटिङ्ग (कर्नल रिचर्ड हार्ट, मेवाड़ का पोलिटिकल एजेन्ट)—३०२। कीर्तिवर्मा (गुहिल राजा)—४१। कीर्तिशाह (टेहरी गढ़वाल का परमार राजा)—३३६। कीर्तिसिंह (महारावत प्रतापसिंह का पुत्र)—१८६, ३७०। कुन्दनकुंवरी (महारावत सालिमसिंह की राणी)—२५३, २५६, २७६। क़ुतुबुद्दीनख़ां (शाही अफ़सर)—१६२। क़ुतुबुद्दीन (गुजरात का सुलतान)—४६। कुबेरसिंह (धमोतर का स्वामी)—३६३-६४। क़ुतुबुलमुल्क (सैयद अब्दुल्लाख़ां)—२०४। कुंभकर्ण (कुंभा, मेवाड़ का महाराणा)—४०, ४७-६, ५१, ५४, ७६। कुमारपाल (सोलंकी राजा)—३८। कुमारसिंह (गुहिलवंशी रावल)—४५-६। कुमुदकुंवरी (महारावत रामसिंहजी की राजकुमारी)—३५५। [दायां स्तम्भ] कुशलकुंवरी (महारावत हरिसिंह की पुत्री)—१६५। कुशलसिंह (थांबीरामा का ठाकुर)—३६५। कुशलसिंह (बरड़िया का ठाकुर)—३७१। कुशलसिंह (भांतलावालों का पूर्वज)—१६६। कुशलसिंह (बांसवाड़े का महारावल)—१६१। कुसुमकुंवरी (महारावत रामसिंहजी की राजकुमारी)—३५५। कृष्ण (यादव)—१७२। कृष्ण (अहाड़ा, कवि, ग्रंथकार)—२५३, २५८। कृष्णदास (झामेटा ब्राह्मण, विद्वान्)—३४६। कृष्णाजी सांवत (मरहटा सेनापति)—२२०। केवेन्टरी (एफ़० सी०, प्रतापगढ़ राज्य का प्रधान मंत्री)—३५१, ३५४। केटर (ए० एन्० एल्०, एजेन्ट गवर्नर जनरल) ३५१। केडिल (मेजर टी०, मेवाड़ का पोलिटिकल एजेंट)—३१०। केशवदास (रघुनाथद्वारे का महन्त)—२७६। केशवदास (शाही सेवक)—१८४। केशवप्रसादसिंह (डुमरांव का महाराजा)—३५५। केसरकुंवरी (राणा मोकल की सोलंकिनी राणी)—४७।