राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)
History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha
महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअनुक्रमणिका ४३५ भैरवसिंह ( जाजली का ठाकुर )—३७३ । भैरवसिंह ( नागदी का स्वामी )—३७७ । भोगीदास ( धमोतर के ठाकुर जोगीदास का भाई )—१६३, १६०, १६२, १६६, ३६२ । भोज ( दूसरा, प्रतिहार राजा )—३४ । भोज (धार का परमार राजा )—३७, ४५ । भोज ( हाड़ा, बूंदी का राव )—१२५ । भोजदेव (पहला, मिहिर, आदिवराह, कन्नौज का प्रतिहार राजा )—३१-२, ३४ । भोजराज ( शाह, प्रतापगढ़ का कर्मचारी )—२६४ । भौमसिंह ( देवद का ठाकुर )—३३८, ३७७ । भौमसिंह ( अनघोरा का स्वामी )—३७४ । म मक़बूलख़ां ( ख़ानआलम, जानआलम, जानागढ़ का शासक )—२१, २६, ४१ । मक्खनख़ां ( माखन, मंदसोर का शाही फ़ौजदार )—१११, ११६ । मट्टट ( गुहिल राजा )—४४ । मथनसिंह ( मेवाड़ का स्वामी )—४६ । मदनमोहन मालवीय ( प्रसिद्ध नेता )—३४१ । मदनसिंह ( जयपुर के मन नोबल्स हाई स्कूल का प्रधानाध्यापक )—३७५-७६ । मन्नालाल ( भांचावत, कामदार )—२४३ । मनभावती ( महारावत तेजसिंह की पुत्री) —१०७ । मनभावती (सनभावनदे, महारावत हरिसिंह की राणी)—१६५-६६, १६०, १६६ । मनु ( सूर्यवंशी राजा )—३२ । मनोहरदास (बूंदी के राव भोज का पुत्र)—१२५ । मनोहरदास ( बरड़िया का ठाकुर )—३७८ । मनोहरदास (झामा का पुत्र )—३७१ । मनोहरदास ( रघुनाथद्वारे का महंत )—२७६ । मयाकुंवरी ( महारावत सालिमसिंह की पुत्री )—२५४ । मयाकुंवरीबा ( महाराजकुमार मानसिंह की पत्नी )—३३७, ३४२, ३५२ । मरे ( कर्नल, अंग्रेज़ सेनापति )—२६१-६२ । मलिक बहरी (ख़ानसलह का अनुचर )—५०-५१ । मल्लूख़ां ( सुलतान क़ादिर, मालवे का सुलतान )—४१, ६५ । मल्हारराव होल्कर (इन्दौर राज्य का संस्थापक )—२२१, २२८-३१, २४६, २५६, २६४-६५ । मसऊद ( मालवे का सरदार )—४६ । महताबसिंह ( महारावत सालिमसिंह का पुत्र )—२५४ । महमूद ग़ज़नवी (ग़ज़नी का सुलतान)—३६ ।