भारतकोश
राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha

महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished534 पृष्ठ

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अनुक्रमणिका ४३६ रणधीर (महारावत सूरजमल का पुत्र) —७१-२, ७४। | रखसी (भंडारी)—२२३। | रफ़ीउद्दरजात (मुग़ल वादशाह)—२१६। रणमल (मंडोवर का राव)—४७। | रफ़ीउद्दौला (मुग़ल वादशाह)—२१६। रणमल (रिद्धमल, कल्याणपुरा का ठाकुर)—३६२। | रफ़ीउश्शान (बहादुरशाह का शाहज़ादा)—२१६। रणवीर (महारावत क्षेमकर्ण का पुत्र)—५३। | रॉक (मेजर)—२६२। | राघव (बख़्शी)—२५७। रणसिंह (गुहिल राजा)—४५। | राघवदास (कल्याणपुरा का ठाकुर)—३६२। रतना (सांखला)—६१। | राघवदेव (देवगढ़ का रावत)—२४६। रत्नकुंवरी (महारावत पृथ्वीसिंह की पुत्री)—२०७। | राघवदेव (दूसरा, झाला, देलवाड़े का राजराणा)—२४६-५०। रत्नकुंवरी (कोठारिया के रावत संग्रामसिंह की पौत्री)—२६३। | राघवराम (पंडित)—२४६। | राजकुंवरी (भिणाय के राजा उदयभाण की पुत्री)—२६३। रत्नकुंवरी (महारावत सामन्तसिंह की पुत्री)—२७५। | राजकुंवरी (महारावत सिंहा की पुत्री)—१२४। रत्नसिंह (मेवाड़ का महारावल)—४६। | राजकुंवरी (सैलाना के राजा दिलीपसिंहजी की राणी)—३३५, ३४५। रत्नसिंह (मेवाड़ का महाराणा)—७५, ७७। | राजधर (महारावत सूरजमल का पुत्र)—७२। रत्नलाल (पाडलिया, कामदार)—३१६, ३१८। | राजशेखर (कवि)—३२। रत्नसिंह (बीकानेर का महाराजा)—२७३। | राजसिंह (पहला, मेवाड़ का महाराणा)—१२३, १२४, १४८, १६१-६२, १७७-८०, २३८। रत्नसिंह (महाराणा अरिसिंह का प्रतिपक्षी)—२४७-५१। | राजसिंह (दूसरा, मेवाड़ का महाराणा) २४६-४७। रत्नसिंह (रायपुर का ठाकुर)—३४७, ३६८। | राजसिंह (किशनगढ़ का राजा)—१८८-१६८, २००-१। रत्नसिंह (अचलावदा का ठाकुर)—३७०। | राज्यपाल (प्रतिहार राजा)—३६। रत्नसिंह (बोड़ी साखथली का ठाकुर)—३७२। | रायोजी सिन्धिया (ग्वालियर राज्य का संस्थापक)—२२१, २३०। रत्नसिंह (बरखेड़ी का ठाकुर)—३७५-७६। | रॉबर्टस् (जेनरल)—२६२। रत्नसिंह (रामपुरा का चन्द्रावत)—२०२, २२८, २४१। |