रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)
Rasaratna Samuchchaya Hindi
रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री) द्वारा
स्रोत: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें| ३२ | रसरत्नसमुच्चये- |
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यह हिङ्गुल और एण्टोमनी का फौलाद सा कृष्ण-वर्ण यौगिक है इसमें धातु की सी द्युति होती है। घिसने पर लाल लकीर खिंचती है। यह रवेदार वल्मीक शिखराकार पिंड सा होता है। कठोरता २, विशिष्ट गुरुत्व ५. ८१ होता है। मेक्सिको देश का पारद निकालने का यह मुख्य खनिज है। वहां पर चिरकाल तक इसकी खान का कार्य होता रहा है।
यह गन्धक और गोदन्ती के साथ भी पाया जाता है। इसका वर्णन रसरत्नसमुच्चय में लिखे "स्रोतोञ्जन" के साथ बहुत मिलता है-
यथा-वल्मीकशिखराकारं भङ्गे नीलोत्पलद्युति ।
घृष्टं तु गैरिकच्छायं स्रोतोऽजं लक्षयेद् ध्रुवम् ॥ ( र० र० स० प्र० अ० )
अर्थात् दीमक की बामी जैसा शिखराकार (कोलुमनरमॅस्सिव फार्म columnar Massive Form. ) तथा तोड़ने पर नील कमल के समान वर्ण का दिखाई दे तथा कसौटी पर घिसने से गैरिक की सी लाल लकीर पड़े वह अवश्य स्रोतोञ्जन है। साफ फौलाद का रङ्ग नील कमल के पत्ते के वर्ण के समान होता है। इस यौगिक में सुरमा है इस लिये इसको स्रोतोञ्जन मानना ठीक है।
( २ ) बासनाहट ( Barcenite )
यह बहुत जटिल मात्रा में पाया जाने वाला खनिज है। इसका प्रादुर्भाव उपर्युक्त लिविंग्स्टोनाइट से ही होता है। केवल मेक्सिको देश के हिजुको (Huitzuco) नामक स्थान पर ही प्राप्त होता है। सन् १८७८ ई० में जे० डब्ल्यु० मेलेट ( J. W. Mallet ) ने मेरियानो बार्सीना ( Merisno Baercena ) के नाम पर ही इस खनिज का नामकरण किया है। मेक्सिकल भूगर्भ-विज्ञों का मत है कि यह खनिज हिंगुल और एन्टिमनिऑक्साइड ( Antimony oxide Sb₂O₃ ) का यौगिक है। यह मृत्तिका के ढेले के आकार का कृष्ण वर्ण होता है। कसौटी पर घिसने से राख ( Ash grey ) और कुछ हरापन लिये हुए रंग की लकीर खिंचती है। कठोरत ६. ५, विशिष्ट गुरुत्व ५. ३४३.
( ३ ) ग्वाडालकाज़़ाराइट ( Guadalcazarite )
यह खनिज प्रायः कृष्ण हिंगुल की ही जाति का है। इस में थोड़ा सा यशद ( २ से ४% ) और अत्यल्प मात्रा में सेलेनियम् (Selenium १%) मिला रहता है ! ( यह धातु गन्धक का सा होता है और आज कल वायरलेस टेलिग्राफी में फोटो भेजने के कार्य में उपयोगी है) इसके सहयोगी खनिज रक्त हिंगुल, बेराइटस (Barytes) और स्फटिक ( quartz ) हैं। यह मेक्सिको प्रान्त के ग्वाडलकाजार ( Guadalcazar ) स्थान में प्राप्त होने के कारण इस का नाम ग्राम नाम पर ही अन्य खनिजों से पृथक् समझने के लिये रख दिया गया है।