रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)
Rasaratna Samuchchaya Hindi
रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री) द्वारा
स्रोत: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंप्रथमोऽध्यायः । ३९
होता है ( Cinnabar of Bright Red colour ) यहाँ से सम्भवतः रसशास्त्रियों का "जपाकुसुम सङ्काशो हंसपादो महोत्तमः" इस प्रकार का हिङ्गुल आता रहा है । यहाँ शुद्ध रवेदार हिङ्गुल अल्पमात्रा में पाया जाता है । जितना भी मिलता है वह स्फटिक, माक्षिक और बराइट के रवोंके साथ में मिलता है । ढेले की शक्ल का हिङ्गुल जिसमें ७५ से ८५ फीसदी पारद रहता है बहुतायत से पाया जाता है । इसके सहयोग में अन्य खनिज बहुत कम मिलें पाये जाते हैं । प्राकृतिक-पारद, केलोमल, बहुत कम मात्रा में मिलता है । स्पेन के एक प्रान्त में रक्त और कृष्ण हिङ्गुल, हरिताल, मनः शिला, आर्सेनिक ( Arsenic ), सुधा पाषाण ( Lime Stone ), रेणु पाषाण ( Sand stone ) आदि के साथ में पाया जाता है ।
अल्माडन की खानों में सन् १५६४ ई० से १९१९ ई० तक नीचे लिखो सारणी के अनुसार पारद की निकासी हुई है ।
| समय | मेट्रिक टन्स | वार्षिक निकासी |
|---|---|---|
| १५६४-१७०० | १७८६३ | १०३ |
| १७००-१८०० | ४२१४९ | ४२१ |
| १८००-१८७६ | ६०१६ | ८०२ |
| १८७६-१९१९ | ४३००० (अनुमान) | १००० (अनुमान) |
युगोस्लेविया ( Yugoslavia )
इस स्टेट में बोसनिया ( Bosnia ), सर्विया ( Servia ), स्लोवेनिया कार्नियुला ( Slovania-Carniala ) प्रान्तों में मुख्यतः पारद के खनिज पाये जाते हैं ।
एशिया माइनर ( Asiaminor )
इस देश में ३००० वर्षों से पारद निकालन का व्यवसाय हो रहा है। सन् १९०६ और १९०७ में वार्षिक ३००० फ्लास्क पारद कोनिया और केरो बुरम माइन्स् (खान) ( Konia And Karo Burum Mines ) में निकला था । इसी प्रकार एनाटोलिया ( Anotolia ) में ४००० से ५००० फ्लास्क प्रतिवर्ष निकलता रहा है । सन् १९०९ में तुर्क स्थानीय ( Turkish ) पारद की निकासी १४२ टन्स ( ३७८६ फ्लास्क ) हुई थी । महायुद्ध के समय एशियाटिक तुर्की की पारदीय खानें जर्मनी के अधिकार में आगई थीं ।
चाइना या चीन ( China )
चीन के अनेक स्थानों में पारदीय खनिजों के मिलने की सूचनायें समय समय पर प्रकाशित होती रही हैं । इस समय केवल युआनशानचङ्ग (yuanshanchang) नामक स्थान की खाने ही प्रसिद्ध हैं । यहां पर दो प्रकार का हिङ्गुल पाया जाता है । एक का रङ्ग तेज लाल ( Bright Red ) और दूसरे का गहरा लाल ( Dark Opequered ) होता है । यहां बहुत ही प्राचीन प्रणाली से हिङ्गुल एकत्रित किया