रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)
Rasaratna Samuchchaya Hindi
रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री) द्वारा
स्रोत: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (उद्गम)
DevanagariHindipublished362 पृष्ठ
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| विषयाः | पृष्ठाङ्काः | विषयाः | पृष्ठाङ्काः |
|---|---|---|---|
| उत्तरोत्तरमधिकगुणकरं लौहम् | १८४ | नागरसायनम् | १९२ |
| मण्डूरम् | ,, | पित्तलम् | ,, |
| मण्डूरशोधनम् | ,, | पित्तलभेदः | ,, |
| मतान्तरम् | ,, | रीतिकालक्षणम् | ,, |
| लौहमण्डूरयोर्गुणसाम्यता | १८५ | काकतुण्डी लक्षणम् | ,, |
| वङ्गनिरूपणम् | ,, | रीतिकाया गुणाः | ,, |
| वङ्गस्य द्वैविध्यनिर्देशः | ,, | काकतुण्ड्या गुणाः | १९३ |
| खुरकवङ्गस्य मिश्रकवङ्गस्य च लक्षणम् | ,, | शुभरीतिकालक्षणम् | ,, |
| वङ्गगुणाः | ,, | अशुभरीतिलक्षणम् | ,, |
| खुरकवङ्गशोधनम् | ,, | रीतिकाशोधनम् | ,, |
| मिश्रकवङ्गशोधनम् | ,, | रीतिका मारणम् | ,, |
| नागवङ्गकांस्यताम्राणां सामान्यशोधनम् | ,, | मतान्तरम् | १९४ |
| वङ्गभस्म | ,, | पित्तलरसायनम् | ,, |
| मतान्तरम् | ,, | पित्तलद्रुतिः | ,, |
| मतान्तरम् | १८६ | कांस्यम् | १९५ |
| मतान्तरम् | ,, | कांस्योत्पत्तिवर्णनम् | ,, |
| वङ्गरसायनम् | ,, | प्रशस्तकांस्यलक्षणम् | ,, |
| नागः | १८८ | त्याज्यकांस्यलक्षणम् | ,, |
| शुद्धसीसकलक्षणम् | ,, | कांस्यगुणाः | ,, |
| सीसकगुणाः | १८९ | कांस्यशोधनम् | १९६ |
| नागशुद्धिः | ,, | कांस्यमारणम् | ,, |
| नागभस्म | ,, | मतान्तरम् | ,, |
| मतान्तरम् | १९० | वर्तलौहम् | ,, |
| नागस्य निरुत्थभस्मीकरणम् | ,, | वर्तलौहस्वरूपः | ,, |
| मतान्तरम् | १९१ | वर्तलौहगुणाः | ,, |
| वर्तलौहशोधनम् | १९७ | ||
| वर्तलौहमारणम् | ,, |