रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)
Rasaratna Samuchchaya Hindi
रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री) द्वारा
स्रोत: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (उद्गम)
DevanagariHindipublished362 पृष्ठ
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| विषयाः | पृष्ठाङ्काः | विषयाः | पृष्ठाङ्काः |
|---|---|---|---|
| शोषणे नरास्थितैलप्रयोगः | ८७६ | पञ्चविंशोऽध्यायः । | |
| शोधनरोपणे ताम्रभस्मप्रयोगः | ८७७ | क्षुद्ररोगाणां नामानि | ८८५ |
| रोपणे मार्जारस्थिप्रलेपः | ,, | क्षुद्ररोगे पर्पटोप्रयोगविधिः | ८९५ |
| भगन्दरव्रणक्षालने त्रिफलाकषायः | ८७७ | व्यङ्गे शशरुधिरप्रयोगः-जातिफलप्रयोगश्च | ,, |
| भूतलोत्थचूर्णप्रयोगः | ,, | व्यङ्गे इङ्गुदीमज्जप्रयोगः | ,, |
| कुक्कुरास्थिलेपः | ,, | कुनखे स्नुहीक्षीरादिप्रलेपः | ,, |
| ग्रन्थिलक्षणं व्युत्पत्तिश्च | ८७८ | कुनखे अभयाप्रयोगः | ८९६ |
| मेदोग्रन्थौ अरिमेदादिभस्मलेपः | ,, | कुनखे कुष्ठादिप्रलेपप्रयोगः | ,, |
| मेदोवृद्धौ गुडूच्यादिः | ,, | कुनखे पुत्रजीवप्रयोगः | ,, |
| गण्डमालायामुदयभास्करः | ,, | कक्षाग्रन्थौ शिग्रुप्रयोगः | ,, |
| कालस्फोटादौ पुत्रजीवप्रलेपः | ८७९ | कक्षाग्रन्थौ विषादिलेपः | ,, |
| सन्धिग्रन्थौ रक्तस्रावविधिः | ,, | स्तनविद्रधौ क्रियाक्रमः | ,, |
| कक्षग्रन्थ्यादौ पुत्रजीवप्रयोगः | ८८० | स्तनविद्रधिस्फोटने एकवीरप्रयोगः | ८९७ |
| कालस्फोटै गुञ्जापत्रादिचूर्णम् | ,, | स्तनविद्रधिरोपणे यष्ट्यादिचूर्णम् | ,, |
| कालस्फोटे विष्णुक्रान्तादिप्रलेपः | ,, | स्तनविद्रधिरोपणे दारुवर्त्तिः | ,, |
| ग्रन्थ्यादौ पुनर्नवादिप्रलेपः | ,, | लिङ्गरोग-चिकित्सा | ८९८ |
| अर्बुदभेदः | ८८१ | बोलप्रयोगः | ,, |
| अर्बुदहररसः | ,, | लिङ्गपाके उडुम्बरादिक्षालनम् | ,, |
| सामान्योपायाः | ,, | लिङ्गपाके जीरकप्रयोगः | ,, |
| गण्डमालापचीलक्षणम् | ८८२ | लिङ्गपाके महाशङ्खप्रयोगः | ,, |
| गण्डमालायां सुरवारुण्यादियोगः | ८८३ | लिङ्गपाके घोण्टादिलेपः | ,, |
| गण्डमालायामर्कक्षीरादिलेपः | ,, | लिङ्गपाके गन्धप्रयोगः | ८९९ |
| अपच्यां गिरिकर्णिकाप्रयोगः | ८८४ | लिङ्गपाके निम्बादिचूर्णम् | ,, |
| गण्डमालायां छुछून्दरी तैलम् | ,, | लिङ्गव्रणरोपणे सैन्धवप्रयोगः | ,, |
| गण्डमालायां सहदेवीप्रयोगः | ,, | लिङ्गवगादौ शिग्रुप्रयोगः | ,, |
| अपच्यादौ गुञ्जादिलेपः | ,, |
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