भारतकोश
रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

Rasaratna Samuchchaya Hindi

रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री) द्वारा

स्रोत: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (उद्गम)

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विषयाःपृष्ठाङ्काःविषयाःपृष्ठाङ्काः
पेरू५०यौगिकगन्धक१०२
जुनिन५१गन्धकनिम्नरूप में मिलता है१०५
हुवानुकोगन्धक और गन्धकीय खनिज
वीनेजुएप्राप्ति के स्थान
पारद के दोष५२अफगानिस्तान
पारद के सप्तकञ्चुक५३आसाम
पारद के भेद५५बलुचिस्तान
शुद्ध पारद के लक्षण५६कच्छी
अशुद्ध पारद के लक्षण५७लास बेला१०६
अभ्रकीयविमर्शः५९मेकरन तट
उत्पत्तिसिबि
वैक्रान्तीयविमर्शः६९बिहार और उड़ीसा
उपलब्धिः७०बम्बई१०७
मामाक्षिकीयविमर्शः७४बर्मा
स्वर्णमाक्षिकदक्षिण हैदराबाद
रौप्यमाक्षिककाश्मीर
कांस्यमाक्षिकगोदावरी१०८
विमलः७७ट्रावनकोर
उपलब्धिःशिरानी
शिलाजतुविमर्शः८०पञ्जाब
चपलविमर्शः८७संयुक्तप्रान्त१०९
उपस्थितिकुमायूँ
गुण८८गैरिकविमर्शः११०
विस्मथ का उपयोगकासीसविमर्शः
रसकविमर्शः८९हरतालविमर्शः११५
गन्धकीयविमर्शः१०१अञ्जनविमर्शः१२१
उपलब्धि१०२सौवीराञ्जन
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