रसखान रचनावली (सुजान रसखान, प्रेमवाटिका एवं दानलीला सटीक)

रसखान रचनावली (सुजान रसखान, प्रेमवाटिका एवं दानलीला सटीक)
Raskhan Rachanavali with Hindi Commentary
रसखान (सैयद इब्राहिम) / पं. विद्यानिवास मिश्र द्वारा
DevanagariBrajpublished368 पृष्ठ
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दो शब्द हिन्दी के कृष्ण-भक्त तथा रीतिकालीन रीतिमुक्त कवियो मे रसखान का अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान है । हिन्दी मे इनके काव्य के अनेक सकलन प्रकाशित हुए है, किन्तु सटीक कोई भी नही है, इससे सामान्य पाठक रसखान के काव्य के रसास्वादन से वंचित रह जाता था । प्रस्तुत कृति इसी उद्देश्य की सृष्टि है । इसीलिए इसमे उन सभी छन्दो को समाविष्ट कर लिया है जो संदिग्ध है, पर रसखान के नाम से प्रचलित है । आशा है, अपने उद्देश्य मे यह कृति सफल रहेगी । —देशराजसिंह भाटी