ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 112, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंअदिति, रक्षक, फंसना, शोभनदाता १२-१६ छोड़ना, अतुलनीय वेग, रक्षण व पापियों के नाश की प्रार्थना १७-२१ ५७. इंद्र की स्तुति १-१९ बुलाना, व्याप्त करना, वज्र पकड़ना, बुलाना, आह्वान, शक्तिशाली, वज्रधारी, याचना, निर्माण, हर्षकारक १-११ धन याचना प्रार्थना, पास आना, अश्व प्राप्ति १२-१६ अश्व-ग्रहण, सुंदर लगाम वाले घोड़े व घोड़ियां, निंदा वचन न बोलना १७-१९ ५८. वरुण एवं इंद्र का वर्णन १-१८ सत्कार करना, आह्वान, मिलाना, गोपालक, हरे अश्व, दूध देना, सखा आदित्य, पूजा, शब्द करना, सोमरस ले जाने का आग्रह १-१० स्तुति, नदियों का गिरना, मुक्त, मेघभेदन, रथ पर बैठना ११-१५ रथ मिलना, धन प्राप्ति, प्रियमैध ऋषि १६-१८ ५९. इंद्र का वर्णन १-१५ स्तुति, स्वभाव, स्तुत्य, स्तुति, सीमा बनाना असंभव, सेना जीतना, यज्ञ में आना, पूज्य १-८ शूर, प्रसन्न होना, प्रेरित करना, शक्तिशाली, झुकाना, बछड़े देना, धनी ९-१५ ६०. अग्नि का वर्णन १-१५ रक्षार्थ प्रार्थना, तेजस्वी होना, धन याचना, हव्यदाता, प्रेरणा, धन प्राप्ति १-६ जातवेद, धनस्वामी, धन मांगना, प्रशंसित, दो रूप, स्तुति, धन व घर मांगना, स्तुति ७-१५ ६१. अग्नि का वर्णन १-१८ सेवा, पास बैठना, लेना, चढ़ना, कामना, रथ, जल का दोहन १-७ याचना, पूजा, मधु, सिक्त करना, सोने के कान ८-१२ दूध सींचने का आग्रह, मिलना, पोषण, दोहन, सोमरस लेना, दवा, हव्य १३-१८