ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 138, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ें४३. इंद्र की स्तुति एवं वर्णन १-११ कृष्ण ऋषि, अभिलाषा, बढ़ाना, पास जाना, सूर्य ढूंढना, हराना, जाना १-७ प्रेरणा, सज्जनपालक, दुर्बुद्धि, रक्षार्थ प्रार्थना ८-११ ४४. इंद्र की स्तुति १-११ क्षीण करना, पालक, वज्रधारी, सामर्थ्य, स्तुति, स्वर्ग जाना, नरक प्राप्ति, क्रुद्ध होना १-८ स्तुति, कोंचना, आहूत, धन मांगना ९-११ ४५. अग्नि की स्तुति व वर्णन १-१२ उत्पत्ति, रूप जानना, प्रज्वलन, चाटना, शोभाधारी, मेघभेदन, प्रेरणा, चमकना १-८ पुआ, प्रिय होना, द्वार खोलना, स्तुति ९-१२ ४६. अग्नि एवं यज्ञों का वर्णन १-१० होता, स्तुतियां, त्रित ऋषि, यज्ञनेता, कर्म प्राप्ति, बैठना १-६ गतिशील, स्तुतियां, त्वष्टा, भृगु, यश प्राप्ति ७-१० ४७. इंद्र की स्तुति १-८ गोस्वामी, रक्षायुक्त, महान्, शत्रुहंता, घिरा रहना, धन, बुद्धि व घर की याचना १-८ ४८. इंद्र द्वारा अपना वर्णन १-११ अन्न देना, दध्यङ्, दधीचि, वज्र, जीतना, स्वामी, झुकाना, नष्ट करना १-७ गुंगु जनपद, असुर वध, आयुध धारण, अजेय व अन्नार्थ बनाना ८-११ ४९. इंद्र का आत्मवर्णन १-११ अनुष्ठान, ‘इंद्र’ नाम रखना, उशना, कुत्स, शुष्ण, आर्य, दस्यु, वेत्सु नामक देश, तुग्र, स्वदिभ, रांथय, असुर वेश, षड्गृभि असुर, नववास्त्व, बृहद्रथ, शत्रुनाश, तुर्वश, यदु १-८ मार्ग देना, सुखद बनाना, हरि नामक अश्व ९-११ ५०. इंद्र का वर्णन व स्तुति १-७ ebook converter DEMO Watermarks*