भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

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५८. मृत सुबंधु के भ्राता आदि उसके मन के प्रति कहते हैं १-१२ विवस्वान् पुत्र, लौटाना, धरती, लौटाना १-१२ ५९. पाप देवता निर्ऋति, असुनीति व इंद्र आदि की स्तुति १-१० आयु पाना, निर्ऋति, शत्रु रोकना, वृद्धावस्था, बढ़ाना, रक्षार्थ प्रार्थना १-६ प्राण देने व हिंसा रक्षार्थ प्रार्थना, ओषधियां, उशीनर की पत्नी ७-१० ६०. असमाति राजा का वर्णन व इंद्रादि की स्तुति १-१२ असमाति, जेता, पराभव, पंचजन, स्थित करना, अगस्त्य, पणि, जीवनदाता, मन धारण १-८ अविनाशी, संबंधु का मन, बहना, तपना, हाथ ९-१२ ६१. विविध देवों की स्तुतियां व वर्णन १-२७ नाभानेदिष्ट, शत्रुनाशक, चरु पकाना, आह्वान, सिंचन, अभिगमन, वास्तोष्पति, अंगिरागोत्रीय ऋषि, उत्पत्ति, फल, मित्रता, ढूंढना, शुष्ण १-१३ जातवेदा, दीप्तिशाली, प्रशंसित, कांपना, शंयु ऋषि, स्तुति, सत्यरूप, सुखवर्धक, स्तुति, नरपालक, प्रिय होना, अन्नदाता, सेवा, धारा, अन्न मांगना १४-२७ ६२. अंगिरागोत्रीय ऋषियों की स्तुति १-११ अमरता, पणि, स्थापना, ब्रह्मतेज, गंभीर कर्म वाले, धन देना, उद्धार १-७ सावर्णि मनु, दक्षिणा, यदु, तुर्वसु, अन्न मांगना ८-११ ६३. विभिन्न देवों का वर्णन १-१७ ययाति, यज्ञयोग्य, दूध बहाना, उन्नत प्रदेश, सेवा, सजाना, होता, सर्वज्ञ, पापमोचक, द्युलोक, आह्वान १-११ सुख मांगना, ले जाना, बढ़ाना, रथ, कल्याणार्थ प्रार्थना, धरती, गय ऋषि १२-१७ ६४. विभिन्न देवों का वर्णन १-१७ स्तुत्य, कामनाएं, पोषक, बढ़ना, रथ, धन लाना, यज्ञ, आह्वान, त्वष्टा, ऋभुक्षा, वाज, सुंदर मरुद्गण, आना, अदिति १-१३ ebook converter DEMO Watermarks*