ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 145, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ें९३. विभिन्न देवों का वर्णन १-१५ रक्षायाचना, परिचर्या, धन, हवि स्वामी, समान धनी, बचना, अन्नस्वामी, सामगान १-८ स्तुति, अन्न याचना, सिद्धि, स्तोत्र पाठ, पृथवान्, गो याचना ९-१५ ९४. सोमरस निचोड़ने में सहायक पत्थर का वर्णन १-१४ स्तुति का आग्रह, हव्य भक्षण, सोमपान, अचल रहना, धारण, सोमरस टपकाना, ग्रहण, अंश, शक्ति दिखाना १-९ यज्ञसेवन, शक्तिशाली, पूर्ण करना, शब्द करना १०-१४ ९५. पुरूरवा व उर्वशी का संवाद १-१८ मन, दुष्प्राप्य, सिंहनाद, रमणसुख, शयनकक्ष, सुजूर्णि, श्रेणि आदि, बढ़ाना, भागना, संपर्क बनाना, दीर्घायु, पुत्ररूप में होना १-११ ससुराल, अज्ञानी, दीनता, मैत्री, विचरना, वासदाता, आनंद प्राप्ति १२-१८ ९६. इंद्र एवं उनके घोड़ों का वर्णन १-१३ प्रशंसा, बुलाना, धनी, दीप्ति, सुंदर, स्तुत्य, स्थित होना १-७ हरी दाढ़ी, सोमपान, अन्न देना, पूर्ण करना, साधन, सवन ८-१३ ९७. ओषधियों की स्तुति व वर्णन १-२३ उत्पत्ति, सौ कर्मों वाली, जयशील, घोड़ा, गाय आदि देना, अधिकारिणी, रोगनाशक, स्तुति, इष्कृति, रोगनाश, आत्मा १-११ चोर, बाज, वायु, वचन व रोग से बचाने की प्रार्थना, पाश, कथन, शांति व शक्ति मांगना, जीव १२-२० शक्ति हेतु प्रार्थना, वार्तालाप २१-२३ ९८. नाना देवों का वर्णन व स्तुति १-१२ राजा शांतनु, स्तुति, निर्दोष, देवापि, वर्षा, स्तोत्र, शक्ति प्राप्ति, जलाना, दक्षिणा १-९ शूर, मार्गज्ञान, वर्षा याचना १०-१२ ebook converter DEMO Watermarks*