ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 1692, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंबात वही जानते हैं। (१०) वयः सुपर्णा उप सेदुरिन्द्रं प्रियमेधा ऋषयो नाधमानाः. अप ध्वान्तमूर्णुहि पूर्धि चक्षुर्मुमुग्ध्य१स्मान्निधयेव बद्धान्.. (११) गति करने वाली सूर्यकिरणें इंद्र के समीप पहुंचीं. यज्ञ को प्रेम करने वाले ऋषि बुद्धि की याचना करते हुए इंद्र के पास गए. हे इंद्र! अंधकार को नष्ट करो. हमारी आंखों को प्रकाश से भर दो तथा पाप से बंधे हुए हम लोगों को छुड़ाओ. (११) सूक्त—७४ देवता—मरुत् वसूनां वा चकृष इयक्षन्धिया वा यज्ञैर्वा रोदस्योः. अर्वन्तो वा ये रयिमन्तः सातौ वनुं वा ये सुश्रुणं सुश्रुतो धुः.. (१) देवों व मानवों द्वारा धनदान के इच्छुक इंद्र को धनदान के लिए स्तुतियों या यज्ञ द्वारा आकर्षित किया जाता है. संग्राम में धन कमाने के साधन घोड़े इंद्र को आकर्षित करते हैं. यज्ञ का आश्रय लेने वाले अथवा शत्रु का संहार करने वाले लोग इंद्र को आकर्षित करते हैं. (१) हव एषामसुरो नक्षत द्यां श्रवस्यता मनसा निंसत क्षाम्. चक्षाणा यत्र सुविताय देवा द्यौर्न वारेभिः कृणवन्त स्वैः.. (२) इंद्र को प्रेरणा देने वाला अंगिरागोत्रीय ऋषियों का आह्वान शब्द आकाश को पूर्ण करता है. अन्न की इच्छा करने वाले देवों ने मन से धरती को प्राप्त किया. धरती पर पणियों द्वारा चुराई गई गायों को देखते हुए देवों ने अपने कल्याण के लिए अपने तेज से इस प्रकार प्रकाश किया, जिस प्रकार सूर्य चमकता है. (२) इयमेषाममृतानां गीः सर्वताता ये कृपणन्त रत्नम्. धियं च यज्ञं च साधन्तस्ते नो धान्तु वसव्य१मसामि.. (३) यह इन मरणरहित देवों की स्तुति है. वे यज्ञ में सभी प्रकार के रत्न देते हैं. देवगण स्तुति और यज्ञ को सिद्ध करते हुए हमें अधिक धन प्रदान करें. (३) आ तत्त इन्द्रायवः पनन्ताभि य ऊर्वं गोमन्तं तितृत्सान्. सकृत्स्वं१ ये पुरुपुत्रां महीं सहस्रधारां बृहतीं दुदुक्षन्.. (४) हे इंद्र! जो अंगिरावंशी ऋषि पणियों द्वारा चुराई गई गायों का समूह उनसे छीनना चाहते हैं, वे तुम्हारी ही स्तुति करते हैं. एक बार उत्पन्न, अनेक संतान उत्पन्न करने वाली तथा हजारों धाराओं में संपत्तीरूपी दूध दुहाने वाली धरतीरूपी गाय को दुहने के इच्छुक लोग भी इंद्र की स्तुति करते हैं. (४) ebook converter DEMO Watermarks*