ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 1696, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंके द्वारा हमें उज्ज्वल सोमयाग में स्थापित करें. यज्ञकर्म के नेता ऋत्विज् सोमयज्ञ में चारों ओर परस्पर शीघ्रता करते हुए एवं स्तोत्र बोलते हुए सोमरस निचोड़ते हैं. (६) सुन्वन्ति सोमं रथिरासो अद्रयो निरस्य रसं गविषो दुहन्ति ते. दुहन्त्यूधरुपसेचनाय कं नरो हव्या न मर्जयन्त आसभिः.. (७) पाषाण गतिशील बनकर सोमरस निचोड़ते हैं. वे स्तुति की इच्छा करते हुए अग्नि को सींचने के लिए सोमरस निचोड़ते हैं. सोमरस निचोड़ने वाले लोग शेष सोमरस को पीकर अपने मुख शुद्ध करते हैं. (७) एते नरः स्वपसो अभूतन य इन्द्राय सुनुथ सोममद्रयः. वामंवामं वो दिव्याय धाम्ने वसुवसु वः पार्थिवाय सुन्वते.. (८) हे यज्ञकर्म के नेताओं और पत्थरो! तुम शोभन सोमरस निचोड़ने वाले बनो एवं इंद्र के लिए सोमरस निचोड़ो. तुम दिव्य धाम के लिए सुंदर धन उपार्जित करो एवं सोमरस निचोड़ने वाले यजमान के लिए निवासयोग्य धन दो. (८) सूक्त—७७ देवता—मरुत् अभ्रप्रुषो न वाचा पृषा वसु हविष्मन्तो न यज्ञा विजानुषः. सुमारुतं न ब्रह्माणमर्हसे गणमस्तोष्वेषां न शोभसे.. (१) हव्ययुक्त यज्ञ के समान संसार को जन्म देने वाले मरुत् स्तुति से प्रसन्न होकर इस प्रकार धन देते हैं, जिस प्रकार बादल पानी की बूंदें बरसाते हैं. मैं मरुतों के महान् गुण की वास्तविक पूजा नहीं कर पाया हूं. मैंने मरुतों की शोभा के लिए भी स्तुति नहीं की है. (१) श्रिये मर्यासो अञ्जीँरकृण्वत सुमारुतं न पूर्व्वीरति क्षपः. दिवस्पुत्रास एता न येतिर आदित्यासस्ते अक्रा न वावृधुः.. (२) मरुद्गण पहले मनुष्य थे और बाद में पुण्य से देव बने. वे अपनी शोभा के लिए आभूषण धारण करते हैं. उन्हें अनेक सेनाएं भी नहीं हरा सकतीं. स्वर्ग के पुत्र ये मरुत् अब दिखाई नहीं देते एवं अदिति के पुत्र ये आक्रमणशील मरुत् नहीं बढ़ते. (२) प्र ये दिवः पृथिव्या न बर्हणा त्मना रिरिच्रे अभ्रान्न सूर्यः. पाजस्वन्तो न वीराः पनस्यवो रिशादसो न मर्या अभिद्यवः.. (३) मरुत् अपने शरीर से ही स्वर्ग और धरती की अपेक्षा इस प्रकार अतिरिक्त हो गए हैं, जिस प्रकार बादलों से सूर्य बड़ा है. मरुत् वीर पुरुषों के समान स्तुति चाहने वाले एवं शत्रुघातक मानवों के समान दीप्तियुक्त होते हैं. (३) ebook converter DEMO Watermarks*