भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

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पृष्ठ 1796

द्रप्सः समुद्रमभि यज्जिगाति पश्यन्गृध्रस्य चक्षसा विधर्मन्. भानुः शुक्रेण शोचिषा चकानस्तृतीये चक्रे रजसि प्रियाणि.. (८) जलयुक्त वेन अपना कर्म पूरा करते समय गृद्ध पक्षी के समान दूर तक देखते हुए अंतरिक्ष की ओर जाते हैं. वे उज्ज्वल दीप्ति से प्रकाशित होकर तृतीय लोक अर्थात् आकाश में सबके प्रिय जल का निर्माण करते हैं. (८) सूक्त—१२४ देवता—अग्नि इमं नो अग्न उप यज्ञमेहि पञ्चयामं त्रिवृतं सप्ततन्तुम्. असो हव्यवाळुत नः पुरोगा ज्योगेव दीर्घं तम आशयिष्ठाः.. (१) हे अग्नि! तुम हमारे पांच नियामकों वाले, तीन प्रकार से अनुष्ठित एवं तीन होताओं वाले यज्ञ में आओ. तुम हमारे हव्यवाहक बनो, हमारे पुरोगामी बनो एवं हमें छोड़कर अधिक समय तक गुफा के अंधेरे में सोओ. (१) अदेवाद्देवः प्रचता गुहा यन्प्रपश्यमानो अमृतत्वमेमि. शिवं यत्सन्तमशिवो जहामि स्वात्सख्यादरणीं नाभिमेमि.. (२) अग्नि ने कहा— मैं देवों की प्रार्थना से गुहा में वर्तमान दीप्तिहीन दशा से दीप्ति को प्राप्त करके सबको देखता हुआ अमरता प्राप्त करता हूं. भली प्रकार पूर्ण हुए यज्ञ को मैं प्रकाशित होकर छोड़ता हूं एवं अपने चिरसखा व उत्पत्तिस्थान अरणि में चला जाता हूं. (२) पश्यन्नन्यस्या अतिथिं वयाया ऋतस्य धाम वि मिमे पुरूणि. शंसामि पित्रे असुराय शेवमयज्ञियाद्यज्ञियं भागमेमि.. (३) मैं आकाश में गमन वाले सूर्य को देखता हुआ ऋतुओं के अनुरूप अनेक प्रकार के यज्ञों का अनुष्ठान करता हूं. मैं शक्तिशाली पितरों के सुख के लिए होता बनकर मंत्र बोलता हूं तथा यज्ञ के अनुपयुक्त स्थान से उपयुक्त स्थान में जाता हूं. (३) बह्वीः समा अकरमन्तरस्मिन्निन्द्रं वृणानः पितरं जहामि. अग्निः सोमो वरुणस्ते च्यवन्ते पर्यावर्द्र्राष्ट्रं तदवाम्यायन्.. (४) मैंने इस यज्ञस्थान में अनेक वर्ष बिताए हैं. मैं यहां इंद्र का वरण करता हुआ अपने पिता अरणि को छोड़ता हूं. मेरे छिप जाने पर अग्नि, सोम एवं वरुण का पतन होता है तथा राष्ट्र में अव्यवस्था फैल जाती है. तब मैं आकर असुरों से रक्षा करता हूं. (४) निर्माया उ त्ये असुरा अभूवन्त्वं च मा वरुण कामयासे. ebook converter DEMO Watermarks*