ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 29, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंस्तुति स्वीकारना, गतिशील, मेघ का भेदन, शत्रुसंहार, जगत्पालक, निंदकों का वध १-६ स्तुतियां, शत्रुसेना का नाश, मिलना, महिमावान, रक्षक ७-११ १३०. इंद्र की स्तुति १-१० आह्वान, सोमरस, सोम व पणियों को खोजना, शत्रुनाश, नदी निर्माण, प्रशंसा, राजा दिवोदास, शंबर १-७ कृष्ण, उशना, स्तुति ८-१० १३१. इंद्र की स्तुति १-७ नत होना, सेना के आगे रखना, यज्ञ, शत्रु-नगर विनाश, सागर को छीनना, सिंहनाद, असाधारण, कान १-७ १३२. इंद्र का वर्णन १-६ अन्न लाना, स्वर्ग का मार्ग, वृष्टि, गाएं छुड़ाना, इंद्रलोक, शत्रु-नाश १-६ १३३. इंद्र की स्तुति १-७ धरती को जानना, बैरीभक्षक, शक्ति का नाश, शत्रु-नाश, पीले पिशाच, घिरा रहना, अन्नस्वामी बनना १-७ १३४. इंद्र की स्तुति १-६ रथ, रुचि देख चलना, सावधान करना, अमृत बरसना, समीप जाना, स्तुति, सोम योग्य १-६ १३५. वायु की स्तुति १-९ आह्वान, अनुग्रह, बुलाना, अन्नभक्षण, सोम १-५ कुश, शब्द होना, आहुति, पुरोडाश, चाल न रुकना ६-९ १३६. मित्र एवं वरुण का वर्णन १-७ बल, यज्ञ में जाना, यज्ञस्वामी, शोभित, नमस्कार, प्रसन्न करना १-७ १३७. मित्र एवं वरुण का वर्णन १-३ ebook converter DEMO Watermarks*